Sambhal: फर्जी मुठभेड़ मामले में 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज, कोर्ट ने दिए आदेश

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चंदौसी। बहजोई थाने में एक विवादित लूट मामले को लेकर न्यायालय ने 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। मामला तब सामने आया जब प्रार्थी ओमवीर ने अदालत में यह दावा किया कि 25 अप्रैल 2022 को हुई लूट के समय वह जिला कारागार बदायूं में बंद था। बावजूद इसके, उसे इस घटना में शामिल दिखाकर आरोपी बनाया गया।

अदालत ने जांच में पाया ये

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस ने 7 जुलाई 2022 को फर्जी मुठभेड़ का दृश्य दिखाया और 19 मोटरसाइकिलों की कथित बरामदगी दर्शाकर ओमवीर समेत अन्य लोगों पर आरोप तय किए। उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंचने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे प्रार्थी को न्यायालय का सहारा लेना पड़ा।

न्यायालय ने मामले के दस्तावेजों जैसे शपथ पत्र, रिमांड और जमानत आदेश, एफआईआर और अन्य अभिलेखों की समीक्षा के बाद स्पष्ट किया कि पद का दुरुपयोग कर अपराध करना कानून के तहत स्वीकार्य नहीं है। जांच में तत्कालीन सीओ गोपाल सिंह के खिलाफ कोई अपराध प्रथम दृष्टया साबित नहीं हुआ, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ षड्यंत्र, अवैध विवेचना, दस्तावेजों में फेरबदल और पद दुरुपयोग के संकेत मिले।

इनके खिलाफ आदेश जारी

इस आधार पर न्यायालय ने बहजोई थाना प्रशासन को निर्देश दिया कि तत्कालीन एचएसओ पंकज लवानिया, उपनिरीक्षक प्रबोध कुमार, निरीक्षक राहुल चौहान, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेश कुमार, उपनिरीक्षक नीरज कुमार मात्तोदकर, जमील अहमद और अन्य आरक्षियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानून के अनुसार विवेचना पूरी की जाए। तीन दिनों के भीतर इसकी जानकारी अदालत को प्रस्तुत करनी होगी।