यूपी पुलिस मंथन-2025 का दूसरा दिन, भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन पर हुआ गहन मंथन

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लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन ‘यूपी पुलिस मंथन–2025’ का रविवार को समापन हो गया। सम्मेलन के दूसरे दिन भी आधुनिक पुलिसिंग, आपदा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण जैसे अहम विषयों पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। समापन सत्र में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया और कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर दिए गए विजन के अनुरूप तैयार किया गया रोडमैप आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस को और अधिक सक्षम बनाएगा।

सत्र 8 में दी गई ये जानकारी

वहीं सत्र–08 में Disaster Management, Civil Defence & Home Guards पर चर्चा हुई। नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर, डीजी नागरिक सुरक्षा/UPSSF ने जलवायु परिवर्तन, तेजी से बढ़ते शहरीकरण, उच्च जनसंख्या घनत्व और बार-बार आने वाली आपदाओं के बीच उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन की रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने Incident Command System (ICS) आधारित एकीकृत कमान प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ व ट्रैफिक प्रबंधन और संकट के समय सुरक्षित निकासी में सिविल डिफेंस व होमगार्ड को और अधिक सक्षम बनाने पर फोकस किया गया।

सम्मेलन के सत्र–09 में Large Crowd Management विषय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस सत्र में नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के नेतृत्व में पैनल ने बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक आयोजनों के दौरान प्रभावी भीड़ प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा किए। प्रस्तुतीकरण में भीड़-गणना के सटीक अनुमान, भीड़ के अनुकूल इन्फ्रास्ट्रक्चर डिजाइन, प्रारंभिक सूचना प्रणाली, प्रशिक्षित मानव संसाधन, बहु-एजेंसी समन्वय और AI आधारित भीड़-घनत्व विश्लेषण जैसे तकनीकी नवाचारों पर विशेष जोर दिया गया।

UPSDRF की हुई सराहना

इस अवसर पर डीजीपी राजीव कृष्ण ने आपदा प्रबंधन में UPSDRF की भूमिका की सराहना करते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में आधुनिक तकनीक और समन्वय के जरिए पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई गई।