एसएसपी अनुराग आर्य ने किया उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों का सम्मान, नकद पुरस्कार से भी नवाजा

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बरेली पुलिस में अब आराम की कुर्सी नहीं, रिज़ल्ट की ज़मीन मायने रखेगी। नवंबर-2025 की आंतरिक समीक्षा में एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ कर दिया कि अब बहाने नहीं, सिर्फ नतीजे स्वीकार होंगे। जो अधिकारी फील्ड में दिखेगा, वही टिकेगा; और जो सुस्त मिलेगा, उसकी जवाबदेही तय होगी।

इन मामलों में हुई जांच

जनशिकायतों की सुनवाई, अपराध पर पकड़ और विवेचनाओं की गति—इन्हीं पैमानों पर चौकी प्रभारियों को परखा गया। जैसे ही अंक तालिका सामने आई, पूरे महकमे में हलचल तेज हो गई। बेहतर प्रदर्शन करने वालों को नकद इनाम देकर एसएसपी ने एक तरफ हौसला बढ़ाया, तो दूसरी ओर साफ संकेत दे दिया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं।

बारादरी थाना क्षेत्र की सैटेलाइट चौकी इस बार सबसे आगे रही। प्रभारी विनय बहादुर सिंह ने 346 अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान कब्जाया। उनके काम को देखते हुए एसएसपी ने 2500 रुपये नकद देकर सम्मानित किया। यह उपलब्धि सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि बाकी चौकियों के लिए बेंचमार्क बन गई।

काकरटोला ने दिखाई मजबूती

दूसरे पायदान पर काकरटोला चौकी रही। प्रभारी उपनिरीक्षक जावेद अख्तर ने 308 अंकों के साथ मजबूत दावेदारी पेश की। मेहनत और अनुशासन का नतीजा रहा कि उन्हें 1500 रुपये नकद इनाम मिला।

मॉडल टाउन चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार ने 295 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और 1500 रुपये का पुरस्कार पाया। वहीं जगतपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक कुशलपाल सिंह 294 अंकों के साथ चौथे नंबर पर रहे। उन्हें 1000 रुपये नकद देकर सम्मानित किया गया।

कैंट थाना क्षेत्र की नकटिया चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक रोहित तोमर ने 286 अंकों के साथ पांचवां स्थान पाया और 1000 रुपये नकद जीते। वहीं फरीदपुर कस्बा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जसवीर सिंह 272 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहे। उनकी कार्यशैली को 500 रुपये नकद देकर सराहा गया।

आगे और सख्ती के संकेत

एसएसपी अनुराग आर्य का यह कदम महज पुरस्कार वितरण नहीं है। यह आने वाले दिनों की झलक है, जहां हर चौकी और थाना परफॉर्मेंस के तराजू पर तौला जाएगा। साफ संदेश है—अब पुलिसिंग में सिर्फ वर्दी नहीं, काम की धार दिखनी चाहिए।