शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
बृजेश ने दरोगा के इस दबाव के बाद एंटी करप्शन संगठन में शिकायत की और ट्रैप टीम के साथ मिलकर 10 हजार रुपये देने का निर्णय लिया। टीम ने बृजेश को दरोगा से रुपये देने के लिए नवाबगंज ब्लॉक परिसर में बुलवाया। जैसे ही बृजेश ने दरोगा को केमिकल लगे नोट दिए, टीम ने मौके पर दरोगा अमर पटेल को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई और दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी लगा है आरोप
यह केवल पहली घटना नहीं थी, बल्कि दरोगा अमर पटेल पर इससे पहले भी रिश्वत लेने का आरोप लग चुका था। एक बार तुलसीपुर माझा के रामदेव यादव ने पेड़ कटवाने और अवैध मिट्टी खनन के मामले में शिकायत की थी, जिस पर दरोगा ने नाराज होकर उसे हवालात में डाल दिया था और चार हजार रुपये की घूस की मांग की थी। इस मामले में भी सीएम पोर्टल पर शिकायत की गई थी।
आखिरकार, दरोगा अमर पटेल को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है, और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह मामला इस बात को साबित करता है कि भ्रष्टाचार को लेकर सख्ती से काम लिया जा रहा है और प्रशासन इस पर लगातार नजर बनाए हुए है।












