Agri tips: लागत घटाने का कृषि मंत्र, हर दो स्प्रे के बाद बदलें कीटनाशक, छिड़काव के समय इन बातों का रखें ध्यान

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कीटनाशक का छिड़काव करता किसान।

कीटनाशक का छिड़काव करता किसान।
– फोटो : सोशल मीडिया

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कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से छिड़काव काफी अहम है। अगर किसान अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव करें, तो वे पैसा बचाने के साथ कीटनाशकों के हानिकारक प्रभावों से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।कीटनाशकों का चक्र बदलना क्यों है जरूरी?
अक्सर देखा गया है कि किसान एक ही कीटनाशक का बार-बार प्रयोग करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार एक ही रसायन के इस्तेमाल से कीटों में उसके प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे दवा बेअसर होने लगती है। इसका समाधाकिन यह है कि हर दो स्प्रे के बाद कीटनाशक को बदल देना चाहिए। यदि किसान रोग लगने से पहले ही योजना बनाकर छिड़काव करें, तो बेहद कम खर्च में बेहतर नियंत्रण पाना संभव है।

खरीदारी में न बरतें ढिलाई, बिल लेना अनिवार्य
बाजार से दवा खरीदते समय सावधानी ही असली बचत है। हमेशा प्रतिष्ठित कंपनी का चुनाव करें और दुकानदार से पक्का बिल जरूर मांगें। खरीदारी करते समय कभी भी एक्सपायरी डेट वाली दवा न लें। खुले ढक्कन या फटे हुए बैग वाले कीटनाशक खरीदने से बचें।
केवल उतनी ही मात्रा खरीदें जितनी वास्तव में जरूरत हो। सुनिश्चित करें कि उत्पाद पर सरकार द्वारा अनुमोदित लेबल लगा हो।

भंडारण और परिवहन में जरा सी चूक पड़ सकती है भारी
कीटनाशकों को घर लाने और रखने के तरीके में अक्सर लापरवाही बरती जाती है जो जानलेवा हो सकती है। इन्हें कभी भी घर के भीतर, अनाज या पशुओं के चारे के साथ न रखें। इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना अनिवार्य है। साथ ही, बाजार से लाते समय कीटनाशक के डिब्बों को कभी भी अपनी पीठ या सिर पर रखकर न ढोएं और इन्हें खाद्य पदार्थों से बिल्कुल दूर रखें।

छिड़काव के दौरान सुरक्षा कवच है जरूरी
कीटनाशक का घोल बनाते और छिड़काव करते समय सुरक्षा मानकों का पालन करना किसी जीवन रक्षक से कम नहीं है। घोल बनाते समय दस्ताने, मास्क और टोपी का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें ताकि नाक, आंख और मुंह का बचाव हो सके। छिड़काव करते समय कभी भी हवा की विपरीत दिशा में स्प्रे न करें। इसके अलावा, तेज धूप या तेज हवा के दौरान काम करने से बचें। अगर स्प्रेयर का नोजल जाम हो जाए, तो उसे कभी भी मुंह से फूंक कर साफ न करें। छिड़काव के दौरान कुछ भी खाना, पीना या धूम्रपान करना जानलेवा साबित हो सकता है।

काम खत्म होने के बाद क्या करें?
छिड़काव पूरा होने के बाद भी सावधानी की जरूरत खत्म नहीं होती। स्प्रेयर और इस्तेमाल किए गए बर्तनों को साबुन से अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाना चाहिए। सबसे अहम बात यह है कि खाली डिब्बों को घर के किसी भी काम में इस्तेमाल न करें। इन्हें पत्थर से पिचकाकर आबादी और जल स्रोतों से दूर जमीन में काफी गहराई में दबा देना चाहिए। इसके अलावा, छिड़काव के तुरंत बाद खेत में मजदूरों या पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए लाल झंडा लगाकर खतरे का संकेत दें। अंत में, खुद की सुरक्षा के लिए साबुन से अच्छी तरह स्नान करना न भूलें।