प्रयागराज में आयोजित हो रहे माघ मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मेला क्षेत्र से लेकर स्नान घाटों, मार्गों और जल क्षेत्र तक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा खड़ा किया गया है। पुलिस, केंद्रीय बल, आपदा प्रबंधन, जल पुलिस, अग्निशमन और तकनीकी इकाइयों को एकीकृत रणनीति के तहत तैनात किया गया है।
माघ मेला की सुरक्षा व्यवस्था की कमान सात अपर पुलिस अधीक्षक और 14 पुलिस उपाधीक्षक संभाल रहे हैं। इनके नेतृत्व में 29 निरीक्षक, 221 पुरुष उपनिरीक्षक, 15 महिला उपनिरीक्षक, 1700 से अधिक पुरुष एवं महिला आरक्षी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ नियंत्रण के लिए हर स्नान पर्व को ध्यान में रखकर विशेष प्लान तैयार किया गया है।
यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए चार यातायात निरीक्षक, 38 यातायात उपनिरीक्षक और 381 यातायात कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेला क्षेत्र में डायवर्जन, पार्किंग और पैदल मार्गों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए छह बीडीडीएस टीम, दस एएस चेक टीम, एक एंटी माइंस टीम, दो एटीएस टीम और 78 एलआईयू कर्मियों को तैनात किया गया है। मेला क्षेत्र में प्रवेश से पहले और भीतर लगातार सघन चेकिंग की जा रही है।
स्नान घाटों और नदी क्षेत्र में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के सहयोग से त्रिस्तरीय जल सुरक्षा मॉडल लागू किया गया है।
* 200 से अधिक मोटर बोट और नावें
* 30 प्रशिक्षित गोताखोर
* 2000 लाइफ जैकेट पुलिस के पास
* लगभग 25 हजार लाइफ जैकेट नाविकों के पास
* 461 लाइफ बॉय
* आठ किलोमीटर डीप वॉटर बैरिकेडिंग
* दो किलोमीटर फ्लोटिंग रिवर लाइन
आपदा प्रबंधन के तहत पीएसी की पांच बाढ़ राहत कंपनियां, सात कानून-व्यवस्था कंपनियां और पीक डेज के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही दो एनडीआरएफ, एक एसडीआरएफ और आरएएफ की कई कंपनियां अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
मेला क्षेत्र में 400 और शहर में 1152 सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। सभी कैमरे सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, जहां से हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर रखी जा रही है।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए
* सात खोया-पाया केंद्र
* 16 महिला हेल्प डेस्क
* 17 साइबर हेल्प डेस्क
स्थापित किए गए हैं।
अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अग्निकांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए मेला क्षेत्र में 20 फायर स्टेशन, सात फायर चौकियां, 20 वॉच टॉवर, 990 फायर हाइड्रेंट, 153 फायर टेंडर और 761 अग्निशमन कर्मियों की तैनाती की गई है।
पुलिस अधीक्षक माघ नीरज पांडेय के अनुसार, “श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। माघ मेला में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।”












