
पहले चरण में राष्ट्रीय प्याज भवन का निर्माण जैगांव में दो एकड़ भूमि पर किया जाएगा। – फोटो : गांव जंक्शन
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महाराष्ट्र के नासिक जिले में प्याज किसानों ने पहली बार किसानों के नियंत्रण वाला एक अनोखा ढांचा खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। जिले के सिन्नर तालुका स्थित जैगांव गांव के प्याज उत्पादकों ने प्रस्तावित ‘नेशनल अनियन भवन’ परियोजना को अपना समर्थन दिया है।किसानों को दी गई परियोजना की जानकारी
रविवार सुबह जैगांव में आयोजित बैठक में गांव और आसपास के क्षेत्रों के प्याज किसानों को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रारंभिक जानकारी दी गई। किसानों ने इसे प्याज उत्पादकों के लिए दीर्घकालिक समाधान की दिशा में अहम पहल बताया।
पहले चरण में दो एकड़ में होगा निर्माण
महाराष्ट्र राज्य कांदा उत्पादक शेतकरी संघ के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने बताया कि पहले चरण में ‘नेशनल अनियन भवन’ का निर्माण जैगांव में दो एकड़ भूमि पर किया जाएगा। इस चरण पर लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह पूरी परियोजना किसानों के सार्वजनिक योगदान से ही पूरी की जाएगी।
मूल्य श्रृंखला पर किसानों का सीधा नियंत्रण
परियोजना की अवधारणा रखने वाले भारत दिघोले ने बताया कि ‘नेशनल अनियन भवन’ का उद्देश्य किसानों को बीज उत्पादन से लेकर खेती, भंडारण, विपणन, प्रसंस्करण और देश-विदेश में निर्यात तक पूरी मूल्य श्रृंखला पर सीधा नियंत्रण देना है।
मौजूदा व्यवस्था में किसानों को नुकसान
दिघोले ने कहा कि मौजूदा बाजार प्रणाली में किसानों को साल में केवल एक-दो महीने ही ठीक दाम मिल पाते हैं, वह भी कई बार नहीं। शेष समय उन्हें लागत से कम कीमत पर प्याज बेचने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होता है।
स्थिर और पारदर्शी मूल्य तंत्र की उम्मीद
उन्होंने विश्वास जताया कि ‘नेशनल अनियन भवन’ की स्थापना से हर साल एक स्थिर, पारदर्शी और टिकाऊ मूल्य निर्धारण तंत्र विकसित किया जा सकेगा, जिससे किसानों को लंबे समय तक राहत मिलेगी।
शोध, भंडारण और निर्यात की सुविधाएं
प्रस्तावित भवन को प्याज किसानों के रणनीतिक मुख्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें शोध केंद्र, वैज्ञानिक भंडारण सुविधा, बाजार विश्लेषण इकाई, प्रत्यक्ष खरीद-बिक्री प्रणाली, निर्यात सहायता, नीति सलाह और किसान प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं होंगी।
बिचौलियों पर निर्भरता होगी कम
संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस परियोजना से किसानों की बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी, उनकी आय बढ़ेगी और भारतीय प्याज की घरेलू व वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत होगी।
किसानों ने दिया पूरा सहयोग
बैठक में मौजूद किसानों ने परियोजना को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग देने का भरोसा जताया। भारत दिघोले ने कहा कि यह पहल न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के प्याज किसानों के लिए मार्गदर्शक मॉडल बनेगी।




