
कश्मीर में लंबे सूखे का दौर खत्म होने से केसर उत्पादकों के चेहरे खिले हुए हैें। – फोटो : गांव जंक्शन
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कश्मीर घाटी में हो रही रुक-रुक कर बारिश और ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे के दौर को खत्म कर दिया है। मौसम में हुए इस बदलाव से सबसे ज्यादा राहत पांपोर के केसर उत्पादकों को मिली है, जिनकी फसल पर सूखे का खतरा मंडरा रहा था।पांपोर के किसानों ने ली राहत की सांस
देर आए दुरुस्त आए – यह कहना है स्थानीय केसर उत्पादक अली मोहम्मद का। उन्होंने बताया कि केसर की फसल को अक्टूबर और नवंबर के महीनों में नमी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन उस समय मौसम सूखा रहा। अब हुई इस बारिश ने खेतों की मिट्टी को नरम कर दिया है, जिससे किसान काफी खुश हैं।
केसर घाटी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। करीब 16,000 परिवार सीधे तौर पर इसकी खेती से जुड़े हैं। घाटी में हर साल 2.6 से 3.4 मीट्रिक टन केसर का उत्पादन होता है। जानकारों के मुताबिक, लंबे समय तक सूखा रहने से केसर के ‘कॉर्म्स’ (बीज की गांठें) पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, जिसका सीधा असर अगले साल की पैदावार और गुणवत्ता पर पड़ता है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और यह बारिश मिट्टी की नमी वापस लाने में बहुत मददगार साबित होगी।
गुलमर्ग में भारी बर्फबारी, पर्यटन को मिली नई जान
मैदानी इलाकों में जहां बारिश हुई है, वहीं गुलमर्ग जैसे ऊंचे पर्यटन स्थलों पर ताजा बर्फबारी ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। गुलमर्ग अब किसी ‘विंटर वंडरलैंड’ जैसा नजर आ रहा है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि साल की शुरुआत में सूखे के कारण पर्यटन सीजन थोड़ा फीका था, लेकिन इस बर्फबारी ने पर्यटकों को फिर से आकर्षित करना शुरू कर दिया है। एक टूर ऑपरेटर ने बताया कि अच्छी बर्फबारी से पर्यटन उद्योग में नई जान आने की उम्मीद है।
ताजा जानकारी के अनुसार, गुलमर्ग में 24.4 मिमी बारिश और लगभग 20 सेमी बर्फबारी हुई है। इसी तरह कुपवाड़ा में 19 मिमी बारिश, श्रीनगर में 14.2 मिमी बारिश, पहलगाम में 13.6 मिमी बारिश और कोनिबल में 1 मिमी जबकि काजीगुंड में 4.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।राहत की बात यह है कि मैदानी इलाकों में बर्फबारी की खबर नहीं है, लेकिन इस बारिश ने पानी की किल्लत को काफी हद तक कम कर दिया है और जमीन की सोखने की क्षमता को बेहतर बनाया है। कृषि अधिकारी और किसान अब भविष्य की पैदावार को लेकर पहले से अधिक आशान्वित नजर आ रहे हैं।




