पर्वतारोहण से पुलिसिंग तक…….लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट को मिली पहली महिला ज्वाइंट कमिश्नर

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को बड़े स्तर पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए, जिसमें सबसे चर्चित नाम 2002 बैच की महिला आईपीएस अधिकारी अपर्णा कुमार का रहा। उन्हें लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नियुक्ति के साथ अपर्णा कुमार लखनऊ की पहली महिला ज्वाइंट कमिश्नर बन गई हैं, जो राज्य पुलिस व्यवस्था के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।

कौन हैं अपर्णा कुमार

नई जिम्मेदारी से पहले अपर्णा कुमार पुलिस महानिरीक्षक मानवाधिकार के पद पर तैनात थीं। वे अपनी सख्त कार्यशैली, अनुशासन और प्रशासनिक क्षमता के लिए जानी जाती हैं। अपर्णा कुमार का जन्म 30 अगस्त 1974 को कर्नाटक के शिमोगा शहर में हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है। उनके पिता का नाम एच. एन. शिवराज है। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर 2002 में आईपीएस कैडर चुना था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्वतारोही भी हैं अपर्णा कुमार

अपर्णा कुमार केवल एक सफल पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्वतारोही भी हैं। पर्वतारोहण के प्रति उनका रुझान वर्ष 2013 में शुरू हुआ। वर्ष 2014 में उन्होंने तंजानिया स्थित माउंट किलिमंजारो पर सफल चढ़ाई की, जो अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी है। इसके बाद 2016 में उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाली वे पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं।

साल 2019 में अपर्णा कुमार साउथ पोल तक पहुंचने में भी सफल रहीं। अब तक वह सात में से छह महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई कर चुकी हैं। प्रशासनिक सेवा और साहसिक उपलब्धियों का यह अनोखा संगम उन्हें खास बनाता है।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में उनकी नियुक्ति से कानून-व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। अपर्णा कुमार आज उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।