वाई पूरन कुमार आत्महत्या केस: अब तक 14 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम, जांच अभी भी जारी

0
13
 

हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के आत्महत्या मामले में चंडीगढ़ पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब तक किसी अधिकारी को दोषी नहीं ठहराया है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।

70 से अधिक केस दर्ज

इस उच्च-प्रोफाइल केस की जांच का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है। एसआईटी ने 70 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल जांच फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही एसआईटी अपनी फाइनल रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।

पूरे मामले में यह सामने आया था कि पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले जो सुसाइड नोट लिखा, उसमें हरियाणा के पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत 14 वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम थे। एसआईटी ने इन सभी अधिकारियों से पूछताछ कर मामले के सभी पहलुओं की समीक्षा की है।

7 अक्टूबर को की थी सुसाइड

इससे पहले, 6 अक्टूबर 2025 को रोहतक के सेक्टर-19 थाना (अबन एस्टेट) में पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप दर्ज किया गया था। अगले ही दिन, 7 अक्टूबर को सुशील कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसी दिन वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में अपने ऑफिस में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

मामले में प्राप्त सुसाइड नोट और एडीजीपी की पत्नी एवं आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार की शिकायत के अनुसार, आरोप था कि गनमैन के खिलाफ एफआईआर साजिशन दर्ज कराई गई थी और पूरन कुमार पर दबाव बनाया गया था।