सपा के कद्दावर नेताओं से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल, जनसेवा की ताकत अब राजनीति के केंद्र में
नववर्ष पर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बस्ती के सांसद राम प्रसाद चौधरी और कप्तानगंज विधायक अतुल चौधरी से समाजसेवी व विदेशों में व्यापार करने वाले मनोज चौधरी की मुलाकात ने पूर्वांचल की राजनीति में नई हलचल और नई दिशा दे दी है।

मनोज चौधरी केवल कारोबारी नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े जनसेवक के रूप में पहचाने जाते हैं। विदेशों में रहकर भी उनका पूरा परिवार क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है। जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता, शारीरिक एवं सामाजिक मदद के साथ-साथ वे वर्षों से चुपचाप जनकल्याण के कार्यों में जुटे हुए हैं।
उनकी धर्मपत्नी भी सामाजिक सेवा में अग्रणी भूमिका निभाती हैं। प्रत्येक तीज-त्योहार पर मूर्ति आयोजकों के यहां पहुंचकर आशीर्वाद व उत्साहवर्धन करना, सामाजिक आयोजनों में सहभागिता निभाना और कई निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी कराकर आशीर्वाद देना उनकी सक्रियता का प्रमाण है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा के शीर्ष नेतृत्व से इस मुलाकात के पीछे केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनाधार, सेवा और संगठन की त्रिवेणी को राजनीति के मजबूत मंच पर लाने की रणनीति है। यही वजह है कि इस मुलाकात के बाद विरोधी खेमों में बेचैनी और सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस दौरान अमित सिंह, समलेन्द्र सिंह, रविन्द्र गौड़, मोतीलाल, गिरजा शंकर गौड़, संजय, शैलेन्द्र,मानिकचंद सहित कई प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी ने इस मुलाकात को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।
साफ संकेत है कि आने वाले समय में पूर्वांचल की राजनीति में जनसेवा से निकली ताकत बड़ा सियासी रूप लेने वाली है, और समाजवादी पार्टी इसे पूरी आक्रामकता के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी में है।


















