उत्तर प्रदेश पुलिस अब केवल मैदान में ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी अपराधियों से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार है। पुलिस बल को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिससे साइबर अपराधियों पर शिकंजा और मजबूत होगा।
पुलिस तकनीकी सेवाएं मुख्यालय की पहल पर CISCO के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन शुक्रवार को हुआ। इस ट्रेनिंग में पुलिस अधिकारियों को साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर नेटवर्किंग से जुड़ी आधुनिक जानकारियां दी गईं।
साइबर अपराधों से निपटने पर रहा फोकस
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की प्राथमिकताओं के अनुरूप इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान साइबर सुरक्षा, नेटवर्किंग सिस्टम और AI के व्यावहारिक उपयोग पर गहन चर्चा और सत्र आयोजित किए गए। CISCO के विशेषज्ञ इशविन्दर सिंह समेत चार तकनीकी विशेषज्ञों ने जटिल विषयों को सरल भाषा में समझाया।
इस डिजिटल स्किलिंग प्रोग्राम में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों और पुलिस कमिश्नरेट से District Coordinators ने भाग लिया। कुल मिलाकर 120 से अधिक फील्ड अधिकारी और मुख्यालय के 14 पुलिसकर्मी इस हाईटेक प्रशिक्षण का हिस्सा बने।
तकनीकी दक्षता अब अनिवार्य
समापन अवसर पर यूपी पुलिस कंप्यूटर केंद्र के SP/सहायक निदेशक शुभम पटेल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर और डिजिटल अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस का तकनीकी रूप से मजबूत होना अब जरूरत बन चुका है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस की कार्यक्षमता और अपराध नियंत्रण क्षमता को नई मजबूती देते हैं।











