कानपुर गैंगरेप केस में पुलिस की गंभीर लापरवाही उजागर होने के बाद अब कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन मुख्य आरोपी दारोगा अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। कोर्ट की कड़ी फटकार और जांच में सामने आई चूकों के बाद पुलिस कमिश्नर ने सख्त कदम उठाते हुए एसीपी पनकी शिखर कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, भीमसेन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि डीसीपी का तबादला कर दिया गया था।
इसलिए मामला बढ़ा
मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि पीड़िता नाबालिग है। इसके बावजूद शुरुआती एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं, जिसे कोर्ट ने “गंभीर लापरवाही” करार दिया। पीड़िता 6 जनवरी को अपने भाई के साथ भीमसेन चौकी पहुंची थी और उसने दारोगा अमित कुमार व यूट्यूबर शिवबरन के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस वक्त एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दारोगा अमित कुमार घटना वाली रात करीब 20 मिनट तक मौके पर मौजूद था। उसकी गाड़ी बरामद होने के बावजूद समय रहते उसके घर दबिश नहीं दी गई, जिससे उसे फरार होने का मौका मिल गया। इसी लापरवाही को आधार बनाकर विवेचक को भी हटा दिया गया है और नई टीम को जांच सौंपी गई है।
9 को दर्ज किए गए बयान
9 जनवरी को पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए, जहां उसने करीब आधे घंटे तक पूरी घटना का विवरण दिया। कोर्ट के आदेश पर पीड़िता को उसके भाई के सुपुर्द किया गया। फिलहाल पुलिस की कई टीमें गोरखपुर समेत अन्य जिलों में दबिश दे रही हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी फरार है। एक ओर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस के दावों पर बड़ा सवाल बना हुआ है।












