SEED BILL: बीज विधेयक बजट सत्र में पेश करेगी सरकार, बीजों के संरक्षण और आदान-प्रदान पर किसानों को छूट बरकरार

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केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि बीज विधेयक 2025 के लिए 9,000 से अधिक आवेदन सुझावों के साथ प्राप्त हुए हैं। – फोटो : गांव जंक्शन

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केंद्र सरकार बीज विधेयक-2025 को बजट सत्र के पहले चरण में फरवरी महीने में संसद में पेश करने का लक्ष्य रख रही है। केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने यह जानकारी दी है।केंद्रीय कृषि सचिव ने बताया है कि “बीज विधेयक 2025 के लिए हमें 9,000 से अधिक आवेदन सुझावों के साथ प्राप्त हुए हैं। हम इनका प्रसंस्करण करेंगे और कैबिनेट नोट तैयार करेंगे। हमारा लक्ष्य बजट सत्र के पहले चरण में ही इस विधेयक को पेश करना है।” बता दें कि ड्राफ्ट बीज विधेयक 2025 पर जनता से सुझाव मांगने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2024 थी। 

बीज बैंक – फोटो : सोशल मीडिया

ये हैं बीज विधेयक की मुख्य विशेषताएं
बीज विधेयक-2025 मौजूदा 1966 के बीज अधिनियम की जगह लेगा। इसमें बीज किस्मों, डीलरों तथा उत्पादकों के लिए अनिवार्य पंजीकरण का प्रावधान है, ताकि गुणवत्ता एवं ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित हो सके। पैकेटों पर क्यूआर कोड जैसे आधुनिक मानक लागू किए जाएंगे। विधेयक में केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय बीज समितियों की स्थापना का प्रस्ताव है, जो निगरानी का कार्य करेंगी।

किसानों के अधिकार और दंड के प्रावधान
व्यक्तिगत उल्लंघनों के लिए दंड में ₹1 लाख से ₹30 लाख तक जुर्माना तथा गंभीरता के अनुसार कारावास का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल हो सकती है। यदि अपराध किसी कंपनी द्वारा किया जाता है, तो उस समय कंपनी के प्रभारी व्यक्ति, जो व्यवसाय संचालन के लिए जिम्मेदार होता है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, किसानों को बीजों के संरक्षण और अपने संरक्षित किए गए बीजों के आदान-प्रदान करने की छूट बिना पंजीकरण के रहेगी।

कीटनाशक प्रबंधन विधेयक की योजना
कृषि सचिव चतुर्वेदी ने आगे कहा कि संसद के अवकाश के बाद मंत्रालय कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2020 को सदन में पेश करने की योजना बना रहा है।