Odisha: ओडिशा में धान खरीद फिर पटरी पर, चावल मिलर्स ने हड़ताल वापस ली

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धान खरीदी – फोटो : सोशल मीडिया

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ओडिशा में धान खरीद को लेकर पिछले कुछ दिनों से बना गतिरोध अब खत्म हो गया है। राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए चावल मिलर्स ने सरकार से आंशिक सहमति बनने के बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है। इसके साथ ही किसानों से धान खरीद की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई है, जिससे रबी सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत मिली है। मकर संक्रांति जैसे अहम कृषि पर्व से पहले यह फैसला किसानों और सरकार दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

तीन दिन की हड़ताल के बाद हुआ फैसला
ऑल ओडिशा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी, जिसके कारण राज्य में धान खरीद की रफ्तार प्रभावित हो गई थी। सरकारी एजेंसियों द्वारा मंडियों से धान उठाव लगभग ठप हो गया था, जिससे किसानों में चिंता बढ़ने लगी थी। गुरुवार को एसोसिएशन ने हड़ताल वापस लेने और सरकार के साथ सहयोग करने का ऐलान किया।

क्या थीं मिलर्स की मांगें
चावल मिलर्स चार प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, जिनमें शामिल हैं-

  1. मिलिंग चार्ज में बढ़ोतरी
  2. धान और चावल के परिवहन शुल्क (ट्रांसपोर्टेशन रेट) में संशोधन
  3. गोदामों में रखे धान के लिए कस्टडी और मेंटेनेंस चार्ज में बढ़ोतरी
  4. भुगतान की समयसीमा को लेकर स्पष्ट नीति
एसोसिएशन का कहना था कि मौजूदा दरों पर काम करना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा बन गया है।

एक मांग पर सरकार की सहमति
एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश बंसल ने बताया कि चार में से एक मांग पर सरकार ने सहमति जता दी है। सरकार ने धान के तीन महीने के कस्टडी और मेंटेनेंस चार्ज के भुगतान को मंजूरी दे दी है। बाकी तीन मांगों पर सरकार विचार कर रही है और जल्द निर्णय का आश्वासन दिया गया है।

मंडियों से फिर शुरू हुआ धान उठाव
हड़ताल वापस लेने के साथ ही राज्य के सभी जिलों में मंडियों से धान उठाने का काम दोबारा शुरू हो गया है। जहां-जहां खरीद प्रक्रिया चल रही थी, वहां मिलर्स ने धान का उठाव फिर से शुरू कर दिया है। इससे सरकारी खरीद एजेंसियों और किसानों दोनों को राहत मिली है।

मकर संक्रांति को देखते हुए लिया गया फैसला
एसोसिएशन के महासचिव एल. दीपक रंजन दास ने बताया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है, जो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए संगठन ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक-दो दिन में कस्टडी चार्ज से संबंधित अधिसूचना जारी करेगी।

अन्य मांगों पर सरकार को दिया गया समय
सरकार ने शेष तीन मांगों के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। हालांकि, मिलर्स संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर 15 दिनों के भीतर बाकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

अब तक 14 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) के दौरान अब तक ओडिशा के 19 जिलों में 14 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। हड़ताल खत्म होने से आने वाले दिनों में खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।