
प्रामाणिक गन्ना बीज के उत्पादन और वितरण के लिए पंजीकरण अनिवार्य है।
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उत्तर प्रदेश गन्ना विकास विभाग ने गन्ना बीज उत्पादन और बिक्री में अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रमाणित बीज के नाम पर अन्य या प्रतिबंधित प्रजातियों का बीज बेचने वाले 2230 गन्ना बीज उत्पादकों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। विभागीय जांच में कुल 2823 पंजीकृत उत्पादकों में से केवल 593 को ही वैध पाया गया।सोशल मीडिया शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
पिछले दिनों इंटरनेट मीडिया पर शिकायतें सामने आई थीं कि स्वीकृत गन्ना किस्मों के नाम पर अन्य और प्रतिबंधित प्रजातियों का बीज बेचा जा रहा है। इसके बाद विभाग ने सभी बीज उत्पादकों के सत्यापन के निर्देश दिए, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई।
बीज अधिनियम-1966 का पालन अनिवार्य
गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में प्रामाणिक गन्ना बीज उत्पादन और वितरण के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। बीज अधिनियम-1966 के उल्लंघन पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना और छह माह तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
दूसरे प्रदेश से बीज लाने पर सख्ती
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों या विदेश से लाई गई बीज सामग्री के उपयोग पर क्वारंटाइन नियमों का कड़ाई से पालन होगा। बिना गन्ना आयुक्त की अनुमति ऐसी किस्मों का बीज उत्पादन और कारोबार प्रतिबंधित रहेगा।
जान लें पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया
बीज गन्ना उत्पादन व विक्रय के इच्छुक किसानों को नजदीकी गन्ना विकास परिषद में आवेदन करना होगा। आवेदन में कृषि योग्य भूमि, गन्ना क्षेत्रफल, उत्पादित किस्म, सीडलिंग की संख्या और बीज के स्रोत का विवरण देना अनिवार्य होगा। सत्यापन के बाद उप गन्ना आयुक्त की संस्तुति पर पंजीकरण स्वीकृत किया जाएगा।
पारदर्शिता के लिए साइन बोर्ड भी जरूरी
पंजीकृत बीज उत्पादकों को अपने खेत में 4×2 फीट का साइन बोर्ड लगाना होगा, जिसमें गन्ना किस्म, बुवाई तिथि और बीज स्रोत जैसी जानकारी दर्ज होगी, ताकि किसानों को सही जानकारी मिल सके।




