
सब्जी की खेती
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रबी सीजन में किसान सब्जी की खेती करके अच्छा मुनाफा कमाते हैं। इस बीच तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान सब्जी की खेती पर कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है। सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए कीट प्रकोप सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। छोटे-छोटे कीट पत्तियों और लताओं को नुकसान पहुंचाकर पौधों की बढ़वार और फलन क्षमता को प्रभावित करते हैं। कई बार किसान महंगी कीटनाशक दवाइयों का सहारा लेते हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है और मुनाफा घट जाता है। ऐसे में घरेलू और देसी उपाय किसानों के लिए एक सस्ता, असरदार और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं। किसानों को सबसे पहले यह पहचानना जरूरी है कि फसल में कीट लगे हैं या नहीं। यदि पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद या कटी हुई लताएं दिखाई दें, तो समझ लेना चाहिए कि कीटों का प्रकोप शुरू हो चुका है। समय रहते उपाय करने से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
ऐसे करें कीट नियंत्रण
कीट रोकने का सबसे आसान घरेलू उपाय है चूल्हे की बासी राख में थोड़ा चुना पाउडर मिलाकर पत्तियों और लताओं पर छिड़काव करना। यह तरीका न केवल कीटों को दूर करता है, बल्कि पहले से लगे कीटों को भी नष्ट करने में मदद करता है। साथ ही यह उपाय मिट्टी और पौधों के लिए सुरक्षित भी है।
कमाल का है गोबर का घोल
एक अन्य प्रभावी तरीका है गोबर का पतला घोल बनाकर पौधों की लताओं पर छिड़काव करना। इससे कीटों का प्रकोप कम होता है और पौधे मजबूत रहते हैं। यदि जड़ों में कीट लग जाएं, तो हल्की खुदाई कर जड़ों को कुछ समय सूखने दें और फिर थोड़ा चुना डाल दें।
बढ़ेगी फलन क्षमता और मुनाफा
इन देसी उपायों को अपनाने से पौधों की फलन क्षमता बनी रहती है, फसल स्वस्थ रहती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। किसान बिना ज्यादा खर्च किए अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं। यह तरीका न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित माना जाता है।




