ये था मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दारोगा सुरेश पर आरोप है कि उन्होंने एक मुकदमे में नाम बढ़ाने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित द्वारा इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की गई थी, जिसके बाद टीम ने पूरे मामले की गोपनीय तरीके से जांच की और जाल बिछाया। योजना के तहत जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर दारोगा सुरेश को रंगेहाथ पकड़ लिया।
बताया गया है कि दारोगा सुरेश इसी मुकदमे से संबंधित शपथ पत्र देने के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कहकर थाने से निकले थे। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने पहले से तय योजना के अनुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें धर दबोचा। इस दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।
केस हुआ दर्ज
कार्रवाई के दौरान डीलिंग कराने वाले खुर्शीद को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए सफदरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है और मामले को लेकर उच्च अधिकारियों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई प्रचलित कानून के तहत की जा रही है। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।












