ये था मामला
पीड़ित निजामुद्दीन, जो बेगमपुरवा मटेही कला ग्राम के निवासी हैं, ने बताया कि 7 जनवरी 2026 को वह अपने घर पर गड्ढा भरने के लिए डॉक्टर कुनियाघाट से मिट्टी लाकर लौट रहे थे। रास्ते में उप निरीक्षक अमरेश गिरी और हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र यादव ने उन्हें रोक लिया और खनन के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए पैसे की मांग की।
पीड़ित ने मामले की शिकायत आईजी देवीपाटन मंडल की हेल्पलाइन 8467919487 पर दर्ज कराई। शिकायत की जांच गोपनीय रूप से की गई, जिसमें दोनों अधिकारियों के दोषी पाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद आईजी अमित पाठक ने निलंबन के साथ ही विभागीय जांच के आदेश जारी किए। जांच का काम क्षेत्राधिकारी मिहींपुरवा को भी सौंपा गया है।
आईजी ने की कार्रवाई
आईजी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की नीति जीरो टॉलरेंस पर आधारित है और कोई भी अधिकारी नियमों से ऊपर नहीं है।
आईजी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह की घटनाओं की जानकारी या शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत दें। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अवैध वसूली, धमकाने या भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में पुलिस सख्ती बरतेगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।













