जारी हुए आदेश
बताया जा रहा है कि यह पदोन्नति पूरी तरह से सेवा नियमों और वरिष्ठता के आधार पर की गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने वर्ष 2025 की रिक्तियों के सापेक्ष ज्येष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए 384 हेड कांस्टेबलों के नाम डीजीपी मुख्यालय को भेजे थे। इसके बाद सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए डीआईजी स्थापना अखिलेश कुमार चौरसिया ने पदोन्नति संबंधी आदेश जारी कर दिए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों के निस्तारण से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा। हेड कांस्टेबल से उप निरीक्षक बनने के बाद इन कर्मियों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे थाने स्तर पर विवेचना और कानून-व्यवस्था के कार्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
लंबे समय से था इंतजार
सूत्रों के मुताबिक, पदोन्नति पाने वाले कई मुख्य आरक्षी पिछले एक दशक से अधिक समय से इस अवसर का इंतजार कर रहे थे। आदेश जारी होते ही कई जिलों में पुलिस लाइन और थानों में एक-दूसरे को बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर भी पदोन्नति सूची को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच उत्साह देखा गया।
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि आने वाले समय में भी रिक्त पदों के सापेक्ष चरणबद्ध तरीके से पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि योग्य और अनुभवी कर्मियों को समय पर जिम्मेदारी सौंपी जा सके। इस कदम को उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।













