ये है मामला
जानकारी के अनुसार, अबूपुर गांव के पूर्व प्रधान राकेश कुमार उर्फ बिट्टू ने कोतवाल जयपाल सिंह रावत के खिलाफ विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि एक पुराने मुकदमे में नाम निकलवाने और राहत दिलाने के बदले कोतवाल ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की थी। आरोपी अधिकारी लगातार दबाव बना रहे थे, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने विजिलेंस का सहारा लिया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मेरठ विजिलेंस टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय रणनीति के अनुसार, जैसे ही राकेश कुमार उर्फ बिट्टू ने कोतवाल को रिश्वत की रकम सौंपी, उसी समय विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मार दिया। टीम ने कोतवाल जयपाल सिंह रावत को रिश्वत की रकम के साथ मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
केस हुआ दर्ज
रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी कोतवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उन्हें हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
विजिलेंस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। किसी भी अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। इस कार्रवाई के बाद गाजियाबाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है और मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।













