एनकाउंटर पर सीएम योगी का दो टूक जवाब: बोले- पुलिस को पिस्तौल दी है, अगर मारे न तो क्या गोली खाएं?

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फार्मा कॉन्क्लेव के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और पुलिस एनकाउंटर को लेकर चल रही बहस पर खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस को इसलिए हथियार दिए गए हैं ताकि वह अपनी और आम नागरिकों की सुरक्षा कर सके। मुख्यमंत्री ने सवालिया अंदाज़ में कहा, “हमने भी पुलिस को पिस्तौल दी है… अगर मारे न तो क्या गोली खाएं?”

सीएम ने कहा ये

सीएम योगी ने कहा कि अपराधियों के सामने पुलिस को कमजोर दिखाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यदि अपराधी गोली चलाएंगे तो पुलिस आत्मरक्षा में जवाब देगी ही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनकाउंटर कोई नीति नहीं, बल्कि परिस्थितिजन्य कार्रवाई होती है, जब पुलिस के पास खुद को बचाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ था कि वे पुलिस को खुलेआम चुनौती देते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज अपराधी जानता है कि कानून तोड़ेगा तो परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि प्रदेश में दंगे, संगठित अपराध और माफिया संस्कृति पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी जोड़ा कि उनकी सरकार ने कभी निर्दोष पर कार्रवाई का समर्थन नहीं किया, लेकिन अपराधी अगर कानून हाथ में लेगा तो पुलिस भी चुप नहीं बैठेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है, न कि अपराधियों को संरक्षण देना।

दिया ये संकेत

अपने बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। पुलिस को पूरी छूट है कि वह कानूनी दायरे में रहते हुए अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करे। यह संदेश केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में कानून-व्यवस्था पर चल रही बहस को भी नया संदर्भ देता है।