कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र में लैंबॉर्गिनी कार से हुए सड़क हादसे के बाद पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बीच थाना प्रभारी (SHO) पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस आयुक्त ने प्रथम दृष्टया लापरवाही और मामले को ठीक से न संभालने के आरोप में ग्वालटोली थाने के प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है।
ये है मामला
यह हादसा 8 फरवरी 2026 को Rev-3 मॉल के पास हुआ था, जहां तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार सड़क किनारे खड़े लोगों और वाहनों से टकरा गई। हादसे में कई लोग घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार बिजनेसमैन के.के. मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा चला रहा था।
हादसे के बाद पुलिस ने कार और आरोपी को थाने पहुंचाया, लेकिन यहीं से SHO की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि SHO की मौजूदगी में आरोपी शिवम मिश्रा को थाने में VIP ट्रीटमेंट दिया गया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी लैंबॉर्गिनी कार को कवर से ढकते नजर आए, जबकि आरोपी के बाउंसर थाने परिसर में मौजूद रहे।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बाउंसरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, लेकिन SHO की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, हादसे के वक्त कार चला रहे शिवम मिश्रा का नाम शुरुआती एफआईआर में दर्ज न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
डीसीपी ने दी जानकारी
डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक पीड़ित की तहरीर पर लापरवाही से वाहन चलाने और चोट पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और वायरल वीडियो सहित पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
फिलहाल SHO को लाइन हाजिर किए जाने के बाद मामला सिर्फ सड़क हादसे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि थाने में कानून के पालन और रसूखदार आरोपियों के प्रति रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।











