कारागार को मिले 8 सम्मान
कारागार ने कुल आठ पुरस्कार प्राप्त किए। गाजर और चुकंदर में प्रथम स्थान, आलू और बैंगन में द्वितीय स्थान, तथा कद्दू, मूली, सलाद और प्याज-मशरूम में तृतीय स्थान हासिल किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कारागार अधीक्षक को राज्यपाल द्वारा “चल वैजयंती” से सम्मानित किया गया। इसके अलावा कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने बापू भवन स्थित अपने कार्यालय में कारागार अधीक्षक को उनके प्रयासों के लिए प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं यूपी पीसी मीणा भी उपस्थित रहे और उन्होंने कारागार प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सुधारात्मक प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले अन्य विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रदर्शनी में कारागार का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। इसका श्रेय कारागार के अधिकारियों, कर्मचारियों और बंदियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासन को जाता है।
देखा गया सकारात्मक बदलाव
कारागार प्रशासन के प्रयासों से न केवल उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन को बढ़ावा मिला, बल्कि बंदियों के श्रम-कौशल विकास और उनके पुनर्वास में भी सकारात्मक बदलाव देखा गया। इस उपलब्धि ने यह साबित किया कि जिला कारागार गौतमबुद्धनगर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर प्रशासनिक उत्कृष्टता के साथ-साथ बंदियों के प्रशिक्षण और पुनर्वास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।












