ब्रोकली की खेती : किसानों के लिए मुनाफे की सब्जी, वैज्ञानिक तरीके से लाखों की कमाई

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ब्रोकली की खेती – फोटो : सोशल मीडिया

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कभी सिर्फ शहरी रसोई तक सीमित रहने वाली ब्रोकली अब किसानों की आमदनी बढ़ाने का भरोसेमंद विकल्प बनती जा रही है। बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता, होटल–रेस्टोरेंट की मांग और कम समय में तैयार होने वाली फसल ने ब्रोकली को लाभकारी सब्जी के रूप में स्थापित कर दिया है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रोकली पोषण से भरपूर सब्जी है। इसमें प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और आवश्यक खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो कई गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक हैं। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रोकली को हाई एंटी-कैंसर सब्जी भी माना जाता है, जिससे इसकी उपयोगिता और कीमत दोनों मजबूत हुई हैं।

ब्रोकली की खासियत यह है कि किसान इसे साल में चार बार तक उगा सकते हैं। यह कम समय (70–80 दिन) में तैयार हो जाती है और कम लागत में अच्छा उत्पादन देती है। शहरी और कस्बाई बाजारों में इसकी कीमत सामान्य सब्जियों से अधिक रहती है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिलता है।

खेती की प्रक्रिया की बात करें तो ब्रोकली के बीज पहले नर्सरी में बोए जाते हैं। 25-30 दिन में पौधे तैयार होने पर इन्हें खेत में रोपित किया जाता है। भुरभुरी, जल-निकास वाली दोमट मिट्टी इसके लिए उपयुक्त मानी जाती है। फसल को अधिक पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन रोपाई और फूल बनने के समय नमी बनाए रखना जरूरी है। कीट-रोग नियंत्रण के लिए जैविक या अनुशंसित कीटनाशकों का संतुलित उपयोग किया जा सकता है।

आर्थिक रूप से देखें तो एक एकड़ में करीब 25 हजार रुपये की लागत आती है, जबकि मुनाफा एक लाख रुपये तक संभव है। वैज्ञानिक तरीके से खेती और बाजार से सीधा जुड़ाव ब्रोकली को किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बना सकता है।