
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान – फोटो : गांव जंक्शन
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को विकसित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व, आर्थिक सामर्थ्य और किसानों के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। चौहान ने कहा कि वर्षों से लंबित भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते की परिकल्पना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है। यह करार भारत–यूरोपीय संघ की साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को और सशक्त करेगा।कृषि उत्पादों को मिलेगा बड़ा लाभ
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि इस समझौते से भारत के प्रमुख कृषि उत्पादों – जैसे चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा, अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चयनित फल-सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड – को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी। यह समझौता दोनों पक्षों की संवेदनशीलताओं का सम्मान करते हुए निर्यात वृद्धि और घरेलू प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाता है, जिससे किसानों को सीधा लाभ होगा।
भारत की कृषि शक्ति का वैश्विक प्रदर्शन
चौहान ने कहा कि आज भारत केवल स्वयं आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर चल रहा है। भारत चावल उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर है और कृषि विकास दर ने हरित क्रांति के दौर को भी पीछे छोड़ दिया है। यह समझौता ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा करेगा और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा।
निवेश, रोजगार और ग्रामीण विकास को गति
उन्होंने कहा कि भारत-EU FTA से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।
किसानों के हित को बताया सर्वोपरि
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। घटिया कीटनाशक और नकली बीज किसानों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सरकार एक सख्त कीटनाशक अधिनियम और नया बीज अधिनियम लाने जा रही है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट और सुरक्षित भविष्य मिल सके।
विकसित गांवों से बनेगा विकसित भारत
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोजगारयुक्त, गरीबी मुक्त और स्वावलंबी गांवों का निर्माण जरूरी है। इसी संकल्प के तहत ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ लागू किया जा रहा है, जिससे गांव संपूर्ण विकसित ग्राम के रूप में उभरेंगे और ग्रामीण भारत विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा होगा।




