
टूना उच्च पोषण मूल्य, बेहतरीन स्वाद और वैश्विक स्तर पर भारी मांग वाली मछली है। – फोटो : गांव जंक्शन
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अमेरिका, थाईलैंड, कोरिया, मालदीव, वियतनाम और ऑस्ट्रिया से आए मत्स्य पालन और सीफूड व्यापार विशेषज्ञों के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने लक्षद्वीप द्वीपसमूह का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खासतौर पर प्रीमियम गुणवत्ता की टूना मछली और उससे बने वैल्यू एडेड उत्पादों में रुचि दिखाई।पारंपरिक टूना मत्स्य पालन पर फोकस
प्रतिनिधिमंडल ने कवरत्ती, अगत्ती, मिनिकॉय और एंड्रॉट द्वीपों में मछुआरों, सहकारी समितियों और समुद्री उत्पाद उद्यमियों से बातचीत की। चर्चा का मुख्य केंद्र लक्षद्वीप की पारंपरिक पोल-एंड-लाइन टूना फिशरी, इसकी पर्यावरण अनुकूल पद्धतियाँ और उच्च गुणवत्ता वाली टूना उत्पादन की प्रतिष्ठा रही।
मदर वेसल और कोल्ड स्टोरेज की पेशकश
विदेशी विशेषज्ञों ने ताज़ी और प्रोसेस्ड टूना, टूना आधारित वैल्यू एडेड उत्पादों तथा विश्व प्रसिद्ध पारंपरिक सूखी टूना ‘मस्मिन’ के निर्यात के लिए व्यापारिक साझेदारी में रुचि जताई। उन्होंने उन्नत कोल्ड स्टोरेज और हैंडलिंग सुविधाओं से युक्त ‘मदर वेसल’ तैनात करने का आश्वासन दिया, जिससे मछली की गुणवत्ता और ताज़गी बनी रह सकेगी। यह सुविधा लंबे समय से द्वीपवासियों की प्रमुख मांग रही है।
प्रशासन और मत्स्य विभाग से चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने लक्षद्वीप प्रशासन और मत्स्य विभाग के साथ भी विस्तृत चर्चा की। इसमें नियामकीय सहयोग, बुनियादी ढाँचे की ज़रूरतों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जुड़ाव जैसे मुद्दों पर विचार किया गया, जिससे निर्यात समझौतों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
मछुआरा समुदाय के लिए नई उम्मीद
इस यात्रा का समन्वय एंड्रॉट आइलैंड फिशरमेन कोऑपरेटिव सोसाइटी (AIFCS) ने किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व थाईलैंड स्थित प्रमुख सीफूड खरीदार एनएस सीफूड्स की ओर से जयेंद्रन मुथुसंकर ने किया। AIFCS के अध्यक्ष मोहम्मद अल्थाफ हुसैन ने कहा कि यह दौरा सीमित बाजार पहुंच और पोस्ट-हार्वेस्ट समस्याओं से जूझ रहे द्वीपीय मछुआरों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने कहा, “हमें विश्वास है कि यह पहल अंतरराष्ट्रीय व्यापार साझेदारियों को बढ़ावा देगी, मछुआरों की आजीविका सुधारेगी और वैश्विक प्रीमियम टूना बाज़ार में लक्षद्वीप की पहचान मजबूत करेगी।”
क्यों खास है टूना मछली
टूना मछली खास इसलिए मानी जाती है क्योंकि यह उच्च पोषण मूल्य, बेहतरीन स्वाद और वैश्विक स्तर पर भारी मांग वाली मछली है। इसमें प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-डी और आवश्यक खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य और मस्तिष्क के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। टूना तेजी से तैरने वाली मछली है, जिससे इसका मांस सख्त, स्वादिष्ट और लंबे समय तक टिकाऊ होता है। पोल-एंड-लाइन जैसी पर्यावरण अनुकूल पद्धतियों से पकड़ी गई टूना समुद्री पारिस्थितिकी को नुकसान नहीं पहुंचाती, इसलिए यह प्रीमियम, सस्टेनेबल और निर्यात के लिहाज से अत्यंत मूल्यवान मछली मानी जाती है।
बता दें कि पोल-एंड-लाइन एक पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल मछली पकड़ने की विधि है। इसमें मछुआरे डंडे (पोल) और एकल कांटे वाली लाइन की मदद से मछलियां एक-एक करके पकड़ते हैं। इस तरीके में जाल का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए अनचाही या छोटी मछलियां नहीं फंसतीं और समुद्री जीव-जंतुओं को नुकसान नहीं पहुंचता।




