वायरल हो रहा वीडियो
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसकी ड्यूटी प्रयागराज में लगी थी। हालांकि, जब रेलवे स्टाफ ने उसके बैग की जांच की, तो उसमें रेलवे की दो तकिए बरामद हुईं, जिन्हें उसने चोरी किया था। इस घटना के बाद रेलवे स्टाफ ने इस पुलिसकर्मी को कानपुर स्टेशन पर RPF (रेलवे सुरक्षा बल) को सौंप दिया। रेलवे कर्मचारियों ने इस मामले पर सख्ती से कार्रवाई की, और जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।
हो सकती है कार्रवाई
रेलवे एक्ट के तहत चोरी करने पर जुर्माना या सजा हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति ट्रेन में रेलवे की संपत्ति, जैसे तकिया या चादर चुराता है, तो उसे सेक्शन 140 और 154 के तहत जुर्माना या फाइन लगाया जा सकता है। ऐसे मामलों में 1,000 रुपये तक का जुर्माना और छह महीने की जेल की सजा हो सकती है। यदि आरोपी पहले भी ऐसा अपराध कर चुका है, तो उसकी सजा बढ़ाई जा सकती है।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि पुलिसकर्मियों से ऐसी घटनाएं बेहद शर्मनाक होती हैं, क्योंकि समाज में जो लोग सुरक्षा प्रदान करने वाले होते हैं, अगर वे खुद ऐसी घिनौनी हरकतें करते हैं, तो यह उनके पेशे की छवि को धक्का पहुंचाता है। पुलिसकर्मी भानू प्रताप सिंह को अब कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।













