पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस के अनुसार, पिछले चार महीनों में 5546 मोबाइल नंबर और 7064 IMEI नंबर को ब्लॉक किया जा चुका है, जिससे ठगों के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ा है।
सितंबर 2025 तक मोबाइल और IMEI ब्लॉकिंग की प्रक्रिया बहुत कम थी, जिससे ठग एक ही नंबर और डिवाइस का उपयोग करके कई लोगों से ठगी कर पा रहे थे। अब गाजियाबाद पुलिस की सक्रियता और सख्त कार्रवाई के कारण, बड़ी संख्या में इन नंबरों और डिवाइस को ब्लॉक किया गया है, जिससे साइबर अपराधियों की गतिविधियां कमजोर हो गई हैं।
इसके अलावा, गाजियाबाद पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के जरिए एक नई व्यवस्था भी लागू की है। अब आने वाली शिकायतों को एक घंटे के भीतर संबंधित बैंक को ट्रांसफर किया जाता है, ताकि ठगी गई रकम को जल्द से जल्द फ्रीज किया जा सके। दिसंबर 2025 और जनवरी तक बड़ी संख्या में ठगी की रकम को फ्रीज किया जा चुका है, जिससे ठगों के लिए धन की अवैध तरीके से निकासी करना मुश्किल हो गया है।
तत्काल होगी कार्रवाई
गाजियाबाद पुलिस ने एक 24 घंटे सक्रिय साइबर हेल्प डेस्क भी शुरू की है, जहां पुलिसकर्मी तुरंत शिकायतों पर कार्रवाई करते हैं। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि साइबर हेल्प डेस्क के माध्यम से जनता को त्वरित सहायता मिल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहें और साइबर ठगी से बचने के लिए सजग रहें।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल और IMEI नंबर की ब्लॉकिंग रणनीति जालसाजों के नेटवर्क को कमजोर करने में सफल रही है और आने वाले समय में इस कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।












