फतेहपुर जिले की खागा क्षेत्र में एक महिला होमगार्ड ने स्थानीय कोतवाली प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाने की घोषणा की है। मामला उनके 14 वर्षीय बेटे से जुड़ा है, जिसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मां का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उसके नाबालिग बेटे को बालिग बताकर कार्रवाई की।
ये है मामला
होमगार्ड रेखा सिंह के अनुसार, उनका बेटा अभिषेक सिंह हाईस्कूल का छात्र है और इस साल बोर्ड परीक्षा देने वाला था। गिरफ्तारी के चलते उसकी परीक्षा छूट गई। उनका दावा है कि बेटे की सही उम्र साबित करने के लिए उन्होंने जन्मतिथि संबंधी दस्तावेज पुलिस के समक्ष रखे थे। इसके बावजूद, कोतवाली प्रभारी रमेश कुमार पटेल ने उन कागजातों को स्वीकार नहीं किया।
रेखा सिंह, जो उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में होमगार्ड के रूप में तैनात हैं, का कहना है कि यह न सिर्फ उनके बेटे के भविष्य से खिलवाड़ है बल्कि कानून की भावना के भी खिलाफ है। उनका आरोप है कि नाबालिग को किशोर न्याय प्रणाली के तहत पेश करने के बजाय सीधे जेल भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक ने कहा ये
दूसरी ओर, पुलिस का पक्ष अलग है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया न्यायालय के आदेश पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के पास उम्र संबंधी प्रमाण हैं तो उन्हें अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है।
अब महिला होमगार्ड पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करने वाली हैं। मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।












