डीआईजी ने कहा ये
अपने संबोधन में डीआईजी आशीष तिवारी ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल डेटा विश्लेषण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ‘एजेंटिक एआई’ के माध्यम से पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को अधिक सक्रिय, निर्णयक्षम और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित तकनीकी पहलों को साझा करते हुए बताया कि कैसे अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म कानून व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
इन बातों पर दिया जोर
प्रस्तुति के दौरान UP112 और YAKSH App सहित विभिन्न एआई आधारित परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया। इन तकनीकों के जरिए जांच प्रक्रिया को तेज करने, अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था को सशक्त बनाने, मानव संसाधन प्रबंधन को बेहतर करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया समय घटाने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग डेटा-ड्रिवन और प्रेडिक्टिव होगी, जहां तकनीक पुलिसकर्मियों का विकल्प नहीं बल्कि सहयोगी बनेगी। उत्तर प्रदेश पुलिस का लक्ष्य तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन स्थापित करना है, ताकि अंतिम पंक्ति में तैनात बीट कांस्टेबल तक स्मार्ट टूल्स की पहुंच सुनिश्चित हो सके।













