
कथित जमाखोरी के चलते कच्चे जूट की कीमतें बढ़कर 13,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं।
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कच्चे जूट की गंभीर किल्लत से जूझ रहे जूट उद्योग को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बंधी है। इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (IJMA) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार इस संकट के समाधान के लिए ठोस और समयबद्ध कदमों पर विचार कर रही है।कच्चे जूट की कृत्रिम कमी का आरोप
रविवार को केंद्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान (CRIJAF) में हुई बैठक में IJMA ने जूट आयुक्त कार्यालय (JCO) को पहले सौंपे गए अपने आपात प्रस्ताव को दोहराया। एसोसिएशन का कहना है कि फसल का आकलन पर्याप्त होने के बावजूद 25 से 30 लाख गांठ कच्चा जूट व्यापारियों और बिचौलियों के पास रोका गया है, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो गई है।
रिकॉर्ड कीमतें, मिलें बंद होने की कगार पर
इस कथित जमाखोरी के चलते कच्चे जूट की कीमतें बढ़कर 13,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। IJMA के अनुसार, इससे कई जूट मिलों को उत्पादन बंद करना पड़ा है और करीब एक लाख श्रमिकों की आजीविका तत्काल खतरे में है।
स्टॉक सीमा शून्य करने की मांग
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि 31 मार्च तक व्यापारियों के लिए कच्चे जूट की स्टॉक सीमा शून्य की जाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि उपलब्ध सारा जूट या तो चालू मिलों को बेचा जाए या जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (JCI) को टेंडर किया जाए, ताकि आपूर्ति सामान्य हो सके।
सरकार के सख्त हस्तक्षेप के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, कपड़ा मंत्रालय इस संकट से निपटने के लिए सामान्य बाजार उपायों के बजाय “असाधारण और समयबद्ध नियामक हस्तक्षेप” के पक्ष में है। पूर्व IJMA अध्यक्ष संजय कजारिया ने कहा कि मंत्री ने उद्योग की जमीनी हकीकत को ध्यान से सुना और समाधान पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
बीज निर्यात और आगामी बुवाई पर भी चिंता
बैठक में कच्चे जूट बीज के निर्यात का मुद्दा भी उठा। कजारिया के अनुसार, मंत्री ने इसे आगामी बुवाई सत्र से जुड़ा अहम विषय बताते हुए त्वरित समीक्षा के संकेत दिए हैं।
सट्टेबाजों पर कार्रवाई की तैयारी
IJMA का कहना है कि मंत्रालय सट्टेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और जल्द ही मीडिया को उन कदमों की जानकारी दी जाएगी, ताकि आरएमएस 2026-27 सत्र के लिए जूट बैग की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।




