
मशरूम खेती
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आज के दौर में किसान पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर ऐसी खेती की ओर रुख कर रहे हैं, जिसमें कम लागत, कम जगह और ज्यादा मुनाफा संभव हो। इसी कड़ी में मशरूम की खेती तेजी से किसानों के लिए आमदनी का भरोसेमंद साधन बन रही है। बदलती जीवनशैली और सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण मशरूम की बाजार में सालभर मांग बनी रहती है। यही वजह है कि अब किसान सिर्फ मशरूम उगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उससे जुड़े वैल्यू एडेड उत्पाद बनाकर अपनी कमाई कई गुना बढ़ा रहे हैं।आसानी से मिलता है बाजार
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, मशरूम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी बिक्री के लिए बाजार ढूंढना मुश्किल नहीं होता। ताजे मशरूम होटल, ढाबों, सब्जी मंडियों और स्थानीय बाजारों में आसानी से बिक जाते हैं। लेकिन कई बार अधिक उत्पादन होने पर कुछ मशरूम बच जाते हैं, जिनके खराब होने का खतरा रहता है। ऐसे में वैल्यू एडिशन किसानों को नुकसान से बचाकर अतिरिक्त मुनाफा दिलाने का बेहतर तरीका है।
ताजे मशरूम से अचार बनाकर बढ़ाएं आमदनी
मशरूम से बना अचार स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लंबे समय तक खराब नहीं होता। बाजार में इसकी कीमत ताजे मशरूम से ज्यादा मिलती है। अगर किसान सही तरीके से पैकेजिंग करें, तो यह उत्पाद उन्हें स्थायी अतिरिक्त आय दे सकता है।
सूखा मशरूम और मशरूम पाउडर का बढ़ता बाजार
ताजे मशरूम को ड्रायर मशीन या धूप में सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। सूखे मशरूम को पीसकर पाउडर बना लिया जाए तो इसका उपयोग सूप, सब्जी, ग्रेवी और मसालों में होता है। हेल्दी फूड की बढ़ती मांग के कारण मशरूम पाउडर की बाजार में अच्छी डिमांड है।
पापड़, नमकीन और भुजिया से मिलेगा ज्यादा मुनाफा
मशरूम पाउडर से पापड़, भुजिया, नमकीन, नगेट्स जैसे कई उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। आकर्षक पैकिंग और सही मार्केटिंग के साथ ये उत्पाद किसानों को ताजे मशरूम की तुलना में कहीं ज्यादा लाभ दे सकते हैं।
बिस्कुट और बेकरी उत्पादों में भी उपयोग
स्वास्थ्य के प्रति सजग उपभोक्ताओं के बीच मशरूम से बने बिस्कुट, कुकीज़ और अन्य बेकरी उत्पाद तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इससे किसानों को नए बाजार और बेहतर दाम मिल सकते हैं।




