लोग हुए नाराज
पीड़ित का यह भी कहना है कि दरोगा ने पैसे देने के बजाय उसके नारियल जबरन ठेले से उठा लिए और उन्हें पुलिस की गाड़ी में लादकर कोतवाली ले जाने का आदेश दिया। इस घटना का वीडियो आसपास मौजूद लोगों ने बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में पुलिसकर्मी नारियल गाड़ी में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय व्यापारियों में गहरी नाराजगी फैल गई। व्यापारियों के संगठन, व्यापार सुरक्षा फोरम के प्रदेश महासचिव मुकेश गुप्ता ने मामले को पुलिस की मनमानी बताया और दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। व्यापारी दबाव के बाद पुलिस ने नारियल वापस कर दिए, लेकिन सागर ने कहा कि लौटाए गए सामान में तीन नारियल कम थे।
उप-निरीक्षक ईशम सिंह का कहना है कि यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के लिए की गई थी, क्योंकि बस स्टैंड पर ठेले अवैध रूप से लगाए गए थे। हालांकि वायरल वीडियो ने उनके दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसपी ने कहा ये
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने मामला गंभीरता से लेते हुए ईशम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया और क्षेत्राधिकारी हसनपुर को जांच सौंपी। एसपी ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।











