लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित प्रश्नपत्र को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी करार दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न प्लेटफार्मों पर जो प्रश्नपत्र साझा किया जा रहा है, उसका उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की चल रही लिखित परीक्षा से कोई संबंध नहीं है।
ये है मामला
भर्ती बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुछ लोग सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए कथित प्रश्नपत्र को परीक्षा का असली पेपर बताकर वायरल कर रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाली सूचना है। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सचेत करते हुए कहा कि ऐसे किसी भी दावे पर भरोसा न करें और परीक्षा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी केवल बोर्ड के अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त करें।
बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इस तरह की भ्रामक सामग्री को फैलाने वाले व्यक्तियों और प्लेटफार्मों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस और साइबर टीमों को भी इस मामले में सतर्क किया गया है ताकि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा शनिवार से शुरू हो चुकी है। यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो-दो पालियों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान नकल और पेपर लीक जैसी अफवाहों को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
भर्ती बोर्ड ने की अपील
भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या वायरल संदेशों से भ्रमित न हों और परीक्षा को लेकर शांति और संयम बनाए रखें। साथ ही यदि किसी को इस तरह की भ्रामक जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते उस पर कार्रवाई की जा सके।












