ये है मामला
जानकारी के अनुसार एसटीएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि अनुज कुमार परीक्षा में नकल कराने की व्यवस्था करने के लिए राया कस्बे में अपने साथी से मिलने आने वाला है। इस सूचना के बाद पुलिस टीम ने बलदेव रोड पर स्थित रजनी लाइब्रेरी के पास जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसके साथ मौजूद मुख्य आरोपी गोपाल रावत पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता था। आरोपियों ने एक उम्मीदवार से करीब 22 लाख रुपये तक का सौदा तय कर रखा था। इसमें से तीन लाख रुपये पहले ही एडवांस के तौर पर लिए जाते थे, जबकि बाकी रकम परीक्षा में सफलता मिलने के बाद ली जानी थी। गिरोह अपने बचाव के लिए अभ्यर्थियों से उनकी असली मार्कशीट, ब्लैंक चेक और शपथ पत्र भी ले लेता था।
पुलिस के मुताबिक नकल कराने के लिए हाईटेक तरीका अपनाने की तैयारी थी। परीक्षा केंद्र के अंदर अभ्यर्थियों को छोटे ब्लूटूथ डिवाइस दिए जाने थे। बाहर बैठे गिरोह के सदस्य प्रश्नपत्र हल करके ब्लूटूथ के माध्यम से उत्तर बताते।
स्मार्ट फोन भी बरामद
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने एक स्मार्टफोन भी बरामद किया है। मोबाइल में कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, व्हाट्सएप चैट और पैसों के लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं। इसके अलावा अन्य परीक्षाओं से जुड़े छह एडमिट कार्ड भी फोन में पाए गए हैं।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में अनुज कुमार, गोपाल रावत और उनके सहयोगियों के खिलाफ राया थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।













