ऐसे हुई गिरफ्तारी
फिरोजाबाद में इस ऐप के फोटो-मैचिंग और फेस रिकग्निशन फीचर का उपयोग कर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को पकड़ा, जो 2016 से हत्या के मामले में फरार था। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन यक्ष ऐप की तकनीक ने उसकी सही पहचान उजागर कर दी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
वहीं रायबरेली में ‘यक्ष’ के इंटीग्रेटेड सर्विलांस और एनालिटिक्स फीचर्स की मदद से वाहन चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। CCTV फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी को जोड़कर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में चोरी की गई कई गाड़ियां भी बरामद हुईं।
अफसरों ने बताया ये
अधिकारियों के मुताबिक, यक्ष ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आसपास लगे CCTV कैमरों की तुरंत पहचान कर लेता है, संदिग्धों की लोकेशन ट्रैक करता है और डेटा का तेजी से विश्लेषण करता है। इससे जांच की गति और सटीकता दोनों में सुधार हुआ है।
‘पुलिस मंथन’ कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया यह ऐप अब प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी जिलों को इसके अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए हैं, ताकि अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी और अधिक प्रभावी हो सके।













