इन अफसरों को किया गया शामिल
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव में 1990 से 1996 बैच के उन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद और तेज हुई है, जिसमें राज्यों को नियमित डीजीपी नियुक्त करने को कहा गया था।
मई 2022 में मुकुल गोयल के हटने के बाद से यूपी पुलिस को स्थायी डीजीपी नहीं मिल सका है। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यवाहक के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। फिलहाल 1991 बैच के राजीव कृष्ण इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
कौन हैं सबसे वरिष्ठ
वरिष्ठता के आधार पर रेणुका मिश्रा सबसे आगे हैं, लेकिन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और अन्य कारकों के चलते अंतिम दौड़ में बदलाव संभव माना जा रहा है। ऐसे में राजीव कृष्ण का नाम भी मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है।
अब नजर यूपीएससी पर है, जो तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजेगा। इसी पैनल से यूपी को उसका अगला स्थायी डीजीपी मिलेगा













