BMC ने 77 हेक्टेयर कोस्टल ज़मीन तैयार की

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बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) मुंबई कोस्टल रोड के किनारे स्थित 77 हेक्टेयर ज़मीन को समतल करने के लिए सार्वजनिक कोष से ₹100 करोड़ से ज़्यादा खर्च करने जा रहा है। इसके बाद, यह ज़मीन लैंडस्केपिंग के मकसद से रिलायंस फाउंडेशन को सौंप दी जाएगी। इस ज़मीन को सुंदर बनाने का ठेका रिलायंस फाउंडेशन को दिया गया है। (BMC Prepares 77 Hectare Coastal Land, Reliance Foundation To Create Green Gardens)

प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 400 करोड़

इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹400 करोड़ है, और इसे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत पूरा किया जाएगा। फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने हाल ही में ‘कोस्टल गार्डन्स’ बनाने की योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि ये मुंबई के लिए ‘ग्रीन लंग’ (हरित फेफड़े) का काम करेंगे।

शुरुआत में, यह तय हुआ था कि रिलायंस ही पूरा काम करेगा। लेकिन, बाद में उन्होंने नगर निगम से ज़मीन को समतल करने और उसकी ऊपरी सतह को ठीक करने का काम संभालने का अनुरोध किया। पेड़ लगाने में आसानी हो, इसके लिए ज़मीन को 900 mm की ऊँचाई तक मिट्टी से भरा जाएगा।साइट के एक हिस्से में काम पहले ही शुरू हो चुका है। प्रोजेक्ट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, “मानसून शुरू होने से पहले ज़मीन के कुछ हिस्से रिलायंस को सौंपना बहुत ज़रूरी है, ताकि बारिश के मौसम में लगाए गए पेड़-पौधे अच्छी तरह पनप सकें।”

तीन मौसमों में पूरा करने का लक्ष्य

‘कोस्टल रोड गार्डन्स’ प्रोजेक्ट को तीन मौसमों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भूषण गगराणी ने साउथ मुंबई रेजिडेंट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक नागरिक संवाद कार्यक्रम के दौरान इस समय-सीमा की घोषणा की। इसी कार्यक्रम में कोस्टल रोड गार्डन्स का शुरुआती खाका भी पेश किया गया।

इस खाके ने मुंबईवासियों के मन में बड़े-बड़े हरे-भरे खुले स्थानों की उम्मीद जगा दी है। योजना के मुताबिक, कुल क्षेत्रफल का 55% हिस्सा ‘जंगलों और वनों’ के लिए, 25% ‘खुले मनोरंजक क्षेत्रों’ के लिए, 10% ‘रास्तों’ के लिए और 10% ‘प्लाज़ा’ के लिए आरक्षित होगा।

इसके अलावा, इन बगीचों के अंदर मियावाकी माइक्रोफॉरेस्ट पॉकेट्स, शहरी पार्क और शहरी वन क्षेत्रों जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

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