
बॉम्बे हाई कोर्ट (HC) ने सोमवार, 22 मार्च को बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) को मुंबई के सभी स्ट्रीट वेंडर्स का डिटेल्ड वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया। इस आदेश में वेंडरिंग में शामिल हर व्यक्ति शामिल है, जिसमें स्टॉल मालिक, हेल्पर और असिस्टेंट शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि शहर में स्ट्रीट हॉकिंग पर कंट्रोल बेहतर करने के लिए यह ज़रूरी है।(Bombay HC Asks BMC To Verify All Hawkers, Helpers Across City To Track Illegal Immigrants)
स्ट्रीट वेंडर्स के वेरिफिकेशन का आदेश
अजय एस. गडकरी और कमल आर. खता की डिवीजन बेंच ने कई पब्लिक इंटरेस्ट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इन पिटीशन में मुंबई में बिना लाइसेंस वाले वेंडर्स की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई गई थी। कोर्ट ने कहा कि पुलिस और सिविक बॉडी को तुरंत पहचान की जांच शुरू करनी चाहिए।
कोर्ट ने यह साफ किया कि वेरिफिकेशन में उन लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए जिन पर विदेशी नागरिक या गैर-भारतीय निवासी होने का शक है। इसने यह भी कहा कि जिन लोगों को बांग्लादेशी नागरिक माना जाता है और जो बिना वैलिड डॉक्यूमेंट्स के काम कर रहे हैं, उन्हें भी इस प्रोसेस का हिस्सा होना चाहिए। जजों ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अवैध इमिग्रेंट पाया जाता है, तो अधिकारियों को कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए।
बेंच ने यह भी चेतावनी दी कि जो अधिकारी कार्रवाई नहीं करेंगे, उन्हें निजी तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा। इसने सिविक अधिकारियों और पुलिस दोनों को बिना देर किए प्रोसेस को पूरा करने का निर्देश दिया।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 में देरी
साथ ही, कोर्ट ने स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ़ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ़ स्ट्रीट वेंडिंग) एक्ट, 2014 को लागू करने पर लगी रोक को बढ़ाने से इनकार कर दिया। हॉकर्स के वकीलों ने दो हफ़्ते की मोहलत मांगी थी ताकि वे सुप्रीम कोर्ट जा सकें। बेंच ने इस रिक्वेस्ट को खारिज कर दिया।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकारों की रक्षा करने और शहरी इलाकों में वेंडिंग एक्टिविटीज़ को रेगुलेट करने के लिए पास किया गया था। हालांकि, मुंबई और भारत के दूसरे हिस्सों में इसका रोलआउट धीमा और एक जैसा नहीं रहा है। अधिकारियों और वेंडर्स के बीच झगड़े सालों से चल रहे हैं।
इस नए ऑर्डर का मुंबई के स्ट्रीट वेंडिंग सेक्टर पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है। हाल के महीनों में, सिविक अधिकारियों ने गैर-कानूनी हॉकिंग के खिलाफ कार्रवाई बढ़ा दी है। अधिकारियों ने ट्रैफिक जाम, बंद फुटपाथ और लोगों की शिकायतों को इसकी मुख्य वजह बताया है।
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