ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, सिपाहियों ने दारोगा बनने की तैयारी में समय देने के लिए छुट्टी ली और अपनी अनुपस्थिति का कारण बीमारी बताया। हालांकि, एसएसपी की विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की और पाया कि छुट्टियाँ असली बीमारियों के कारण नहीं थीं। जांच में यह भी सामने आया कि कई पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान भी प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं कर रहे थे।
एसएसपी ने कहा कि बिना विभागीय इजाजत के परीक्षा में शामिल होना और गलत तथ्य प्रस्तुत कर छुट्टी लेना पुलिस नियमावली के खिलाफ है। बड़ी बात ये है कि छुट्टी के समय होली और ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहार भी थे, लेकिन उन्हें मेडिकल कारण बताकर छुट्टी दी गई। पुलिस बल में अनुशासन और जिम्मेदारी बनाए रखना प्राथमिकता है। ऐसे किसी भी कार्यवाही की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि सस्पेंड किए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में उचित कदम उठाए जाएंगे।
अनुशासन बनाए रखना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था का जिम्मा सीधे इन पर होता है। गैरजिम्मेदाराना व्यवहार से न केवल विभाग की छवि प्रभावित होती है बल्कि आम जनता का विश्वास भी कमजोर पड़ता है।













