डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने राज्य के कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने वाले एक स्टिंग ऑपरेशन में शामिल होने के आरोपों के चलते पार्टी की पूर्व महासचिव कृपा अल्वा को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
केपीसीसी के उपाध्यक्ष एम. नारायणस्वामी द्वारा जारी निष्कासन आदेश में कहा गया है कि मीडिया में आई नकारात्मक खबरों और प्रतिक्रियाओं के कारण इस विवाद से पार्टी को भारी असहजता और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है।
आदेश के अनुसार, ‘चूंकि इस स्टिंग ऑपरेशन मामले में आपका नाम सामने आया है और इस मामले में आपका आचरण पार्टी विरोधी गतिविधियों के दायरे में आता है, इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर आपको छह साल की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है’।
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
पार्टी के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस मामले में भूमिका को लेकर कृपा अल्वा को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। हालांकि, उनकी ओर से अब तक कोई जवाब या स्पष्टीकरण दाखिल नहीं किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस अपमानजनक वीडियो के पीछे कृपा अल्वा का हाथ बताया था। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया संस्थानों द्वारा इस वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर अदालत से रोक भी हासिल कर ली थी।
यौन शोषण के आरोप मनगढ़ंत
सिद्धरमैया के खिलाफ अपमानजनक सामग्री वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच कर रही बेंगलुरु पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया कि वीडियो में लगाए गए यौन शोषण के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और जानबूझकर रची गई साजिश का हिस्सा हैं।
