विपक्ष की जन संसद में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होगी जन-महाभियोग सुनवाई, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी संचालन

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संजय मिश्र, नई दिल्ली। विपक्षी आइएनडीआइए गठबंधन ने वोट चोरी-एसआइआर मुद्दे पर अपने विरोध के तेवरों को और तीखे करते हुए शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग सुनवाई के लिए जन-संसद बुलाई है।

रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ रैली से पहले विरोध की आवाज को और मुखर बनाने के लिए विपक्ष की बुलाई इस जन-सुनवाई की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग सुनवाई

कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इसमें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग का प्रस्ताव पेश करेंगे तो जन-सुनवाई के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एसआईआर-वोट चोरी को संस्थागत तरीके से अंजाम दिए जाने का ब्यौरा रखते हुए समापन भाषण देंगे।

सीइसी के खिलाफ विपक्ष की इस जन-सुनवाई में एसआइआर के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए कुछ पीड़ित मतदाताओं के साथ बुद्धिजीवी और सिविल सोसाइटी के लोग भी शामिल होंगे।

विपक्षी गठबंधन में शामिल सभी दलों के सांसद खरगे के आवास 10 राजाजी मार्ग में आयोजित इस जन-संसद में शामिल होंगे। आइएनडीआइए दलों के नेताओं की गुरूवार को खरगे के आवास पर हुई बैठक में जन सुनवाई की अंतिम रूपरेखा तय की गई।

ज्ञानेश कुमार को प्रतीकात्मक रूप से हटा कर विरोध जताने के लिए जन सुनवाई की तैयारियों पर गुरूवार को विपक्षी नेताओं की हुई बैठक की अध्यक्षता भी मीरा कुमार ने ही की।

इस बैठक में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, टीएमसी के के डेरेक ओब्रायन, सपा के हरेंद्र मलिक, माकपा के जॉन ब्रिटास, झामुमो की महुआ मांझी समेत कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।

खरगे के आवास पर जन-संसद का आयोजन

इस बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने बताया कि शुक्रवार को साढे तीन बजे जन संसद की बैठक शुरू होते ही खरगे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वोट चोरी को लेकर जन-महाभियोग का प्रस्ताव पेश करेंगे। इस क्रम में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एसआईआर-वोट चोरी को लेकर एक विस्तृत चार्जशीट भी पेश किया जाएगा।

बैठक का संचालन कर रहीं मीरा कुमार इसके बाद हर विपक्षी दल के एक सदस्य को इस पर बोलने का मौका देंगी। एसआइआर में मतदाता सूची से हटाए गए वोटरों तथा सिविल सोसाइटी की तरफ से भी उनकी बातें रखी जाएगी।

राहुल गांधी आखिर में संस्थागत तरीके से एसआइआर-वोट-चोरी के जरिए देश के लोकतंत्र पर कब्जा करने के कथित प्रयासों का विस्तृत ब्यौरा रखेंगे। इसके बाद ज्ञानेश कुमार को प्रतीकात्मक रूप से हटाने का जन-महाभियोग प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

संसद की गरिमा का ध्यान रखते हुए लिया फैसला

विपक्ष ने यह बैठक जन सुनवाई के रूप में बुलाई है और मॉक संसद नहीं होगी। संसद की गरिमा का ध्यान रखते हुए इसीलिए इसमें न सत्तापक्ष का कोई प्रतीकात्मक प्रतिनिधि चेहरा होगा न व्यक्ति।

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा तथा लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई ने जन सुनवाई की तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद कहा कि एसआइआर के जरिए वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों के दर्द और लोकतंत्र पर हुए हमले को सामने लाया जाएगा।

जयराम रमेश ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी के जरिए हमारे संविधान का उल्लंघन कर चुनावी लोकतंत्र की नींव को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया है।

विपक्ष ने यह जन संसद पहले अशोक होटल और फिर रामलीला मैदान में करने की कोशिश की मगर दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी तो आखिर में इसे खरगे के आवास पर आयोजित करने का फैसला लिया।

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