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कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा, क्या हैं आरोप?


दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा दे दी है। उनके दो साथी सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी 30-30 साल की जेल हुई है। अदालत ने उन्हें आतंकवादी संगठन चलाने और जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश रचने का दोषी पाया।

 

यह फैसला 14 जनवरी 2026 को सुनाया गया था। तीनों महिलाओं को अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। आरोप था कि उन्होंने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश की।

 

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NIA अदालत ने दी थी सजा

इससे पहले दिल्ली की एनआईए कोर्ट ने भी आसिया अंद्राबी को अलगाववाद के मामले में दोषी करार दिया था। अंद्राबी, यास्मीन मलिक के बाद दूसरी नेता हैं जिन्हें जम्मू कश्मीर का स्पेशल स्टेटस हटाने के बाद एनआईए ने दोषी करार दिया है।

दुख्तरान-ए-मिल्लत की मुखिया

आसिया अंद्राबी दुख्तरान-ए-मिल्लत नामक संगठन की मुखिया हैं। यह संगठन पहले ही भारत सरकार द्वारा बैन कर दिया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक, आसिया और उनके साथी लंबे समय से नफरत फैलाने वाले भाषण दे रहे थे, प्रचार कर रहे थे और लोगों को भारत विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया और दूसरी जगहों पर जम्मू-कश्मीर को अलग करने की बातें फैलाईं।

आतंकी संगठन चलाने का आरोप

तीनों के ऊपर एक आतंकवादी संगठन चलाने का आरोप है। इसका मकसद भारत की एकता और अखंडता को तोड़ना था। अदालत ने उन्हें साजिश रचने और आतंकवादी संगठन का सदस्य होने का दोषी माना।

 

आसिया अंद्राबी 64 साल की हैं। सोफी फहमीदा 40 साल और नाहिदा नसरीन 58 साल की बताई जाती हैं। तीनों को 2018 में गिरफ्तार किया गया था। तब से वे जेल में हैं। करीब 8 साल तक मुकदमा चला। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई।

क्या बोला बचाव पक्ष

NIA ने अदालत से कहा कि इन तीनों को उम्रकैद दी जाए। इससे कानून पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और लोगों का भरोसा बनेगा। बचाव पक्ष ने कहा कि ये महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं, बीमार हैं और लंबे समय से जेल में हैं। एक को स्पाइन की सर्जरी की जरूरत है, लेकिन नहीं हो पाई।

 

अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि देश के खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अलगाववाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी काम को सख्ती से रोका जाएगा।

2018 का है मामला

यह मामला 2018 का है। NIA ने FIR दर्ज की थी। आरोप था कि आसिया अंद्राबी अपने संगठन के जरिए युवाओं को गुमराह कर रही थीं और पाकिस्तान समर्थक गतिविधियां चला रही थीं।

 

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कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं। 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद केंद्र सरकार ने कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद पर सख्ती बढ़ाई है। कई नेता गिरफ्तार हुए और संगठन बैन किए गए। यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। NIA ने कहा कि कानून का राज स्थापित करने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं।

बिना जिम जाए, घर पर 20 मिनट करें ये 4 एक्सरसाइज तोंद होगी कम

आजकल की भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल में हम अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। किसी भी वक्त खाना खाते हैं जिसमें बाहर के जंक फूड की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। घंटों ऑफिस में एक ही जगह बैठकर काम करते हैं। इन सभी कारणों से वजन तेजी से बढ़ता है। बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए लोग जिम जाते हैं और घंटों एक्सरसाइज करते हैं। 

 

हम आपको कुछ ऐसी एक्सरसराइज के बारे में बता रहे हैं जिसे करने के लिए आपको न जिम जाने की जरूरत है न घंटों समय देना होगा। आपको सही तरीके से रोजाना 20 मिनट एक्सरसाइज करना है। ये एक्सरसाइज आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है और फैट को बर्न करने में मदद करता है।

 

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पुश अप

 

पुश अप एक बहुत ही प्रभावी फुल बॉडी एक्सरसाइज है। इसे करने के लिए महंगे इक्विपमेंट की जरूरत नहीं होती है। आपको रोजाना 15 से 20 पुश अप करना है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा यह एक्सरसाइज दिल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।

 

 

जब आप आसानी से सामान्य पुश अप करने लगते हैं तो डायमंड पुश अप, डिक्लाइन पुश अप करना शुरू करें। ये दोनों एक्सरसाइज बहुत ही प्रभावी है।

 

वॉल सीट

 

वॉल सीट एक बहुत ही आसान है लेकिन असरदार एक्सरसाइज है जो आपके जांघों, कूल्हों और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।

 

 

कैसे करें 

 

किसी दीवार के सहारे खड़े हो जाएं।
अपने पीठ को दीवार से सटाकर रखें।
धीरे-धीरे नीचे की और स्लाइड करें जैसे आप कुर्सी पर बैठे हों।
घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर रखें।

 

बुल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट

 

बुल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट एक प्रभाव लेग एक्सरसाइज है जो आपके जांघ, ग्लूट्स और बैलेंस को मजबूत बनाती है। ये बैलेंस और स्टेबिलिटी को सुधारता है। यह एक्सरसाइज एथलीट्स के लिए बहुत फायदेमंद है।

 

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कैसे करें

 

एक बेंच, कुर्सी या किसी ऊंची जगह के सामने खड़े हो जाएं।
अपने पैर को पीछे ले जाकर उस बेंच पर रखें। उसके बाद दूसरे पैर को जमीन पर रखें।
धीरे-धीरे अपने पैर को नीचे झुकाएं जैसे स्क्वाट करते हैं।
नीचे जाने के वापस ऊपर जाएं।
इस प्रक्रिया को दूसरे पैर से दोहराएं।

 

साइड प्लैंक

 

साइड प्लैंक आपके कोर को मजबूत करने का काम करता है। यह खासतौर से पेट, कमर और साइड मसल्स को मजबूत करता है। यह एक्सरसाइज कमर दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।

 

कैसे करें

 

आपको सबसे पहले मैट पर एक करवट लेना है।
इसके बाद अपनी कोहनी को कंधे के नीचे रखें।
पैरों को सीधा रखें और एक पैर दूसरे के ऊपर रखें।
अपने शरीर को जमीन से ऊपर उठाएं। 
बॉडी का पोजीशन एक दम सीधा होना चाहिए। इस पोजीशन में बॉडी को 10 से 15 सेकंड के लिए होल्ड करके रखें।

चैत्र अमावस्या के दिन कैसा रहेगा आपका भाग्य? पढ़ें राशिफल


18 मार्च 2026, बुधवार का दिन चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है और उत्तरभाद्रपद नक्षत्र के प्रभाव में रहेगा। आज का मूलांक 9 है, जो उत्साह, साहस और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज कुंभ राशि की यात्रा समाप्त कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही राहु और बुध विराजमान हैं। सूर्य और शनि की युति भी मीन राशि में बनी हुई है, जिससे आज का दिन आध्यात्मिक चिंतन, पुराने कार्यों को समाप्त करने और भविष्य की नई योजनाएं बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि  है।

 

आज की ऊर्जा मिश्रित लेकिन सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत कर रही है। ग्रहों का गोचर कुछ राशियों के लिए करियर में अचानक अवसर लेकर आएगा, तो कुछ को अपने खर्चों और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। बुध और चंद्रमा का संयोग आज वाणी में सौम्यता और बुद्धि में प्रखरता देगा, जिससे व्यापारिक वार्ता सफल हो सकती है। हालांकि, राहु की उपस्थिति के कारण भ्रम से बचने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय दोपहर के बाद लेना सही रहेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

 

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मेष


आज आप नई ऊर्जा से भरे रहेंगे। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी, नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आय के नए स्रोत बनेंगे, निवेश के लिए दिन शुभ है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा, घर में खुशी का माहौल होगा। स्वास्थ्य की बात करें तो सिरदर्द की हल्की समस्या हो सकती है।
क्या करें: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
क्या न करें: जल्दबाजी में कोई वित्तीय निर्णय न लें।


वृषभ


धैर्य से काम लेने का दिन है। व्यापार में प्रतिद्वंद्वियों से सावधान रहें, साझेदारी के कामों में पारदर्शिता रखें। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। परिजनों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। खान-पान का विशेष ध्यान रखें, पेट खराब हो सकता है।
क्या करें: सफेद वस्तुओं का दान करें।
क्या न करें: उधार लेन-देन से बचें।

 

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मिथुन


आज आपकी संवाद शैली कमाल करेगी। करियर में मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। लव लाइफ में मधुरता आएगी, मित्रों के साथ समय बिताएंगे। आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।
क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।
क्या न करें: अपनी गुप्त बातें किसी अजनबी से साझा न करें।


कर्क


भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा, काम का बोझ बढ़ सकता है। घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा। माता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है, संतान पक्ष से खुशी मिलेगी। पर्याप्त नींद लें, तनाव से बचें।
क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें।
क्या न करें: पुरानी नकारात्मक बातों को याद न करें।

 

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सिंह


आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी, व्यापार विस्तार की योजना बनेगी। धन लाभ के योग हैं, संपत्ति से लाभ हो सकता है। पिता का सहयोग मिलेगा, दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। हड्डियों में दर्द की शिकायत हो सकती है।
क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
क्या न करें: अहंकार को रिश्तों पर हावी न होने दें।


कन्या


आज तार्किक शक्ति प्रबल रहेगी। अधूरे प्रोजेक्ट पूरे होंगे, सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में लाभ देगा। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा, घर में मांगलिक चर्चा हो सकती है। आंखों में जलन की समस्या हो सकती है।
क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
क्या न करें: कार्यस्थल पर किसी की बुराई न करें।

 

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तुला


कलात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई पहचान मिलेगी। आमदनी सामान्य रहेगी, बड़े निवेश अभी टाल दें। पार्टनर के साथ छोटी यात्रा पर जा सकते हैं। मौसम के कारण सर्दी-जुकाम हो सकता है।
क्या करें: किसी मंदिर में इत्र का दान करें।

क्या न करें: अपनी राय दूसरों पर थोपने की कोशिश न करें।

 


वृश्चिक


आज कठिन निर्णय लेने पड़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, धैर्य रखें। धन संचय में कठिनाई आ सकती है। प्रेमी के साथ गलतफहमी हो सकती है, संवाद बनाए रखें। योग और ध्यान का सहारा लें।
क्या करें: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
क्या न करें: क्रोध में आकर अपशब्द न कहें।

 

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धनु


भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा या विदेश से संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, मानसिक प्रसन्नता मिलेगी।
क्या करें: पीली वस्तुओं का सेवन करें।
क्या न करें: किसी का अपमान न करें।


मकर


मेहनत का मीठा फल मिलेगा। आपके काम की सराहना होगी। रियल एस्टेट में निवेश फायदेमंद हो सकता है। घर की मरम्मत या सजावट पर ध्यान देंगे। घुटनों के दर्द के प्रति सावधान रहें।
क्या करें: शनि देव के समक्ष तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: आलस्य को हावी न होने दें।


कुंभ


नई शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। तकनीक से जुड़े लोगों को लाभ होगा, नया ऑफर मिल सकता है। बैंक बैलेंस बढ़ेगा, पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। मानसिक रूप से हल्का महसूस करेंगे।
क्या करें: जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
क्या न करें: नकारात्मक लोगों की संगति से बचें।


मीन


मानसिक शांति और भक्ति में मन लगेगा। काम में एकाग्रता की कमी रह सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण काम टालना बेहतर रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। बच्चों के साथ समय बिताना सुखद रहेगा। पैरों में सूजन या थकान हो सकती है।
क्या करें: ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
क्या न करें: किसी बड़े जोखिम वाले काम में हाथ न डालें।


नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें।

‘अगले पांच दिन तक कोई हमला नहीं…’, डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया सीजफायर का एलान?


अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे स्वीकार किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिए हैं कि अगले 5 दिन तक ईरान के पावर प्लांट और अन्य ऊर्जा संसाधनों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा एक तरह से ‘सीजफायर’ का संकेत माना जा रहा है। चर्चा थी कि डोनाल्ड ट्रंप अब यही चाहते हैं कि ईरान सीजफायर पर सहमत हो जाए। उन्होंने लिखा है कि पिछले दो दिन में हुई बातचीत काफी सकारात्मक रही है। उनका कहना है कि अगर बातचीत सफल रहती है तो यह ‘सीजफायर’ आगे भी जारी रह सकता है।

 

इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद रखने के लिए ईरान हमले करता है तो 48 घंटे में अमेरिका, ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। इस धमकी के बाद ईरान की ओर से कहा गया था कि अगर अमेरिका ने ऐसे हमले किए तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। अब डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि वह नरम पड़ गए हैं और यह टकराव यहां से कम हो सकता है।

 

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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिन में काफी अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है। यह बातचीत मिडिल ईस्ट में हमारे टकराव को पूरी तरह से खत्म करने को लेकर हुई है। यह बातचीत अभी और भी जारी रहेगी। इस बातचीत की टोन और गहराई के आधार पर मैंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दिए हैं कि ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अगले 5 दिन तक कोई सैन्य हमला न किया जाएगा। उम्मीद है कि जो बातचीत जारी है वह सफल होगी। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद’

बिगड़ती जा रही थी बात

 

इससे पहले रविवार तड़के ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरानी हमलों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से बंद रहता है तो अमेरिका 48 घंटे के भीतर ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाएगा। इसी के बाद ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने बयान में कहा, ‘हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर हमारे पावर प्लांट्स पर हमला होता है तो ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए कब्जा करने वाले शासन (इजरायल) के पावर प्लांट्स के साथ-साथ उन क्षेत्रीय देशों के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा, जो अमेरिकी ठिकानों को बिजली सप्लाई करते हैं और उन आर्थिक, औद्योगिक और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाएगा, जिनमें अमेरिकियों की हिस्सेदारी है।’

 

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ईरान ने यह भी कहा था कि अगर अमेरिका हमले करता है तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। बता दें कि हाल ही में ईरान ने इजरायल के एक सीक्रेट एटॉमिक रिसर्च साइट पर मिसाइल अटैक किया था और इस हमले में आस पास के स्थानों पर रहने वाले लोग बड़ी संख्या में घायल हुए, जिसके बाद इजरायल के नेताओं ने वहां जा कर लोगों से मुलाकात की और उनका हाल चाल जाना। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमले में किसी की जान नहीं गई और यह एक ‘चमत्कार’ है। नेतन्याहू ने दावा किया था कि इजरायल और अमेरिका अपने युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन लक्ष्यों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल कार्यक्रम और सशस्त्र समर्थन को कमजोर करना और ईरान की जनता को धार्मिक शासन व्यवस्था को उखाड़ फेंकने में सक्षम बनाना शामिल है।

 

बता दें कि अमेरिका और इजरायल की ओर से 28 फरवरी को शुरू किए गए इस युद्ध में 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने सोमवार तड़के कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों और ड्रोन हमलों से निपट रहे हैं, वहीं बहरीन में हवाई हमले के संकेत देने वाले सायरन बज रहे हैं। ईरान ने फारस की खाड़ी को बाकी दुनिया से जोड़ने वाले होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और कहा है कि शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति है लेकिन जहाजों पर हमलों ने लगभग सभी टैंकर यातायात को रोक दिया है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है।

कोर्ट के आदेश पर इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा की मौत, 13 साल से कोमा में थे


भारत में कोर्ट से पहली बार पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की अनुमति पाने वाले हरीश राणा का मंगलवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया। इसी के साथ देश के कानूनी और मेडिकल हिस्ट्री में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया।


हरीश राणा 31 साल के थे। साल 2013 में चौथी मंजिल की बालकनी से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। उस वक्त वह पंजाब यूनिवर्सिटी में बीटेक के छात्र थे, तब उसके बाद से वह 13 साल से ज्यादा समय से वेजिटेटिव स्टेट (कोमा जैसी हालत) में थे।

 

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ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदा थे

वह सिर्फ आर्टिफिशियल न्यूट्रिशन (नली से दिया जाने वाला खाना) और कभी-कभी ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदा थे।

11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के मामले में पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी थी। कोर्ट ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वह सम्मानजनक तरीके से लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया अपनाएं।

AIIMS में किया था शिफ्ट

14 मार्च को हरीश राणा को उनके गाजियाबाद के घर से AIIMS के डॉ. बी.आर. आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया।

 

यहां डॉ. सीमा मिश्रा (एनेस्थीसिया और पैलिएटिव मेडिसिन की हेड) की अगुवाई में एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम बनाई गई। टीम में न्यूरोसर्जरी, ऑन्को-एनेस्थीसिया, पैलिएटिव मेडिसिन और साइकियाट्री के विशेषज्ञ शामिल थे।

 

डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार धीरे-धीरे आर्टिफिशियल न्यूट्रिशन बंद करने की प्रक्रिया शुरू की। पूरी प्रक्रिया बहुत सावधानी और निगरानी में की गई। यह भारत में पहली बार था जब किसी कोर्ट के आदेश से पैसिव यूथेनेशिया को इस तरह लागू किया गया।

 

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क्यों है यह मामला खास?

हरीश राणा का केस अपने आप में काफी खास है क्योंकि इसे एंड-ऑफ-लाइफ केयर के तरीके को बदलने वाला माना जा रहा है। इस फैसले ने दिखाया कि मरीज की गरिमा, मेडिकल एथिक्स और कानूनी सुरक्षा के साथ जीवन को समाप्त करने का रास्ता भी बनाया जा सकता है।

दूध से मसाले तक में मिलावट, आपकी सेहत पर असर क्या?


आजकल बाजार में खाने-पीने की चीजों में मिलावट का धंधा बहुत बढ़ गया है और यह हम सबके लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। सरकारी संस्था एफएसएसएआई (FSSAI) की ‘एनुअल स्टेट सर्विलांस रिपोर्ट 2025-26’ के नए आंकड़ों से पता चला है कि पिछले दो सालों में मिलावट के मामले लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। जानकारों का कहना है कि जब उन्होंने बाजार से खाने के सैंपल लेकर जांच की, तो हर 4 में से 1 चीज खराब या नकली पाई गई। यह हालत न सिर्फ हमारी सेहत बिगाड़ रही है, बल्कि इससे देश के पैसे और व्यापार का भी भारी नुकसान हो रहा है।

 

मिलावट करने वालों ने बड़े महानगरों से लेकर छोटे गांवों तक अपना काला कारोबार फैला रखा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में हाल ही में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर कई बड़ी छापेमारी की है। दिल्ली के नरेला और बवाना जैसे औद्योगिक इलाकों में नकली मसालों की ऐसी फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं जिन्हें देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। यहां मसालों का वजन बढ़ाने और उन्हें गहरा चटकीला रंग देने के लिए सड़े हुए चावल, लकड़ी का बुरादा, चॉक पाउडर और खतरनाक एसिड का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा था।

 

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उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों और राजस्थान के कुछ इलाकों में ‘सिंथेटिक दूध’ बनाने के बड़े अड्डे मिले हैं। यहां असली दूध की एक बूंद भी नहीं होती, बल्कि यूरिया, कपड़े धोने वाला सर्फ (डिटर्जेंट), रिफाइंड तेल और ग्लूकोज का इस्तेमाल करके दूध जैसा दिखने वाला सफेद घोल तैयार किया जा रहा था। वहीं महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे जैसे शहरों में पनीर और खोया में भारी मात्रा में मिलावट पाई गई है, जिसे त्योहारों और शादियों के सीजन में खपाने के लिए भारी मात्रा में स्टोर किया गया था।

इन रोजमर्रा की जरूरी चीजों में हो रही है सबसे ज्यादा मिलावट

सरकारी और निजी लैब की रिपोर्ट्स बताती हैं कि मिलावट का सबसे ज्यादा असर उन चीजों पर है जिन्हें हम रोज खाते हैं। दूध और डेयरी उत्पादों में सबसे ज्यादा यानी लगभग 35 प्रतिशत तक मिलावट पाई गई है, जिसमें पानी के अलावा ‘मल्टोडेक्सट्रिन’ और स्टार्च मिलाकर उसे गाढ़ा बनाया जाता है। मसालों की बात करें तो लाल मिर्च में ईंट का चूरा, हल्दी में कैंसर पैदा करने वाला ‘मेटानिल येलो’ रंग और धनिया पाउडर में घोड़े की लीद मिलाने के डरावने मामले सामने आए हैं। खाद्य तेलों में लगभग 15 से 20 प्रतिशत नमूनों में ‘आर्गेमोन तेल’ की मिलावट मिली है, जिससे आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। इसके अलावा, आजकल फल और सब्जियों को जल्दी पकाने और उन्हें एकदम ताजा दिखाने के लिए ‘कैल्शियम कार्बाइड’ और ‘मैलाकाइट ग्रीन’ जैसे खतरनाक एलिमेंट्स का स्प्रे किया जा रहा है। यह एलिमेंट्स  सीधे हमारे नर्वस सिस्टम और दिमाग पर हमला करते हैं, जिससे छोटी उम्र में ही लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

सेहत पर पड़ता जानलेवा असर और पैसों का भारी नुकसान

मिलावट सिर्फ एक व्यापारिक धोखा नहीं है, बल्कि एक ऐसा धीमा जहर है जो धीरे-धारे हमारे शरीर के अंगों को बेकार कर रहा है। स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का मानना है कि ऐसा खराब खाना लगातार खाने से कैंसर, किडनी फेलियर, लिवर की बीमारियां और दिल से जुड़ी समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। इसका सबसे बुरा असर छोटे बच्चों के विकास और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है।

 

अगर इसे आर्थिक नजरिए से देखें, तो यह दोहरा नुकसान है। एक तरफ आम आदमी की मेहनत की कमाई बीमारी के इलाज और अस्पतालों के चक्कर काटने में बर्बाद हो जाती है। दूसरी तरफ, जब पूरी दुनिया में यह पता चलता है कि भारतीय मसालों या खाने की चीजों में मिलावट है, तो दूसरे देश हमारा सामान खरीदना बंद कर देते हैं। इससे भारत के व्यापार को करोड़ों का घाटा होता है और दुनिया भर में हमारे देश का नाम भी खराब होता है।

 

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बाजार का गिरता भरोसा और कानून की सख्त कार्रवाई

मिलावट के इस खेल ने बाजार से आम आदमी का भरोसा पूरी तरह हिला दिया है। लोग अब खुले और सस्ते सामान के बजाय मजबूरी में मंहगे ब्रांडेड उत्पादों की ओर भाग रहे हैं। इसका सीधा नुकसान उन छोटे और ईमानदारी दुकानदारों को हो रहा है जो शुद्ध सामान बेचना चाहते हैं लेकिन मिलावट के कम कीमत के आगे टिक नहीं पाते। कंज्यूमर रिपोर्ट के मुताबिक, मिलावट के डर से कई सेक्टर की ग्रोथ रेट पर भी बुरा असर पड़ा है।

 

इस गंभीर समस्या को देखते हुए सरकार ने अब ‘फूड सेफ्टी एक्ट’ के नियमों को और भी सख्त बना दिया है। नए नियमों के तहत अब मिलावट करने वालों  पर 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और अगर मिलावट से किसी की जान को खतरा हो, तो उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, डॉक्टर्स का साफ कहना है कि सिर्फ कानून बनाने से यह धंधा बंद नहीं होगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर हर महीने जांच होनी चाहिए और हम ग्राहकों को भी सामान खरीदते समय एफएसएसएआई (FSSAI) की मुहर और एक्सपायरी डेट को ध्यान से देखना चाहिए।

चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक होगी मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन लगाएं ये भोग


हिंदू पंचांग में चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है। इस बार 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्र शुरू होगा और 27 मार्च को समापन होगा। 27 मार्च को रामनवमी भी है। चैत्र नवरात्र के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। ये नौ दिन मां दुर्गा के भक्तों के लिए बहुत खास है।

 

इस बार मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आने वाली हैं। मां दुर्गा की उपासना करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। चैत्र नवरात्र में कई लोग व्रत रखते हैं। इन नौ दिनों तक मां को अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है। आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा को किन चीजों को भोग लगाना चाहिए।

 

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नवरात्र में मां दुर्गा की इन 9 अवतार में पूजा होती हैं

19 मार्च- मां शैलपुत्री
20 मार्च- मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च- मां चंद्रघंटा
22 मार्च- मां कूष्मांडा
23 मार्च- मां स्कंदमाता
24 मार्च- मां कात्यानी
25 मार्च- मां कालरात्रि
26 मार्च- मां महागौरी
27 मार्च- मां सिद्दिदात्री

नवरात्र में किन नियमों का पालन करना चाहिए?

कई लोग 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। कुछ लोग सिर्फ अष्टमी के दिन व्रत रखते हैं। भले ही आप व्रत न रखते हो लेकिन कुछ चीजों का पालन जरूर करना चाहिए।जैसे-

 

प्याज, लहसन वाला भोजन न करें।
मीट और शराब का सेवन न करें।
सात्विक भोजन करें।

 

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नवरात्र में किस दिन कौन सा भोग लगाएं?

पहले दिन (शैलपुत्री)- दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
दूसरे दिन (ब्रह्मचारिणी)- चीनी या गुड़
तीसरे दिन (चंद्रघंटा)-दूध या खीर
चौथे दिन (कूष्मांडा)- मालपुआ
पांचवें दिन (स्कंदमाता)- केले
छठे दिन (कात्यानी)- शहद
सातवें दिन (कालरात्रि)- गुड़
आठवें दिन (महागौरी)- हलवा, पुरी
नौवें दिन (सिद्धिदात्री)- मूंगफली और हलवा

चैत्र नवरात्र की पूजा विधि

चैत्र नवरात्र के दिन घर के पूजा स्थल का अच्छे से साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की तस्वीर की स्थापना करें। इसके बाद कलश की स्थापना करें। एक बर्तन में मिट्टी के अंदर जौ बोकर उसमें जल डालें और कलश को उसके ऊपर रख दें। कलश पर आम के पत्ते और नारियल को स्थापित करें। इसके बाद नियमित रूप से व्रत और पूजा का संकल्प करें।  

‘ट्रंप पीछे हट गए’, ट्रंप के हमला रोकने के बयान पर ईरान का जवाब


मिडिल-ईस्ट में चल रहे ईरान इजरायल युद्ध के बीच ईरान की राज्य मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका पीछे हट गया है। अमेरिका ने सोमवार को दावा किया था कि ईरान से सकारात्मक बातचीत हुई है और अगले अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी फेसिलिटी पर हमले नहीं किए जाएंगे।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया था कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और फायदेमंद बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि इन बातों के आधार पर उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग को आदेश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी फेसिलिटी पर हमला पांच दिन के लिए टाल दिया जाए। ट्रंप ने दावा किया कि ये बातचीत मध्य-पूर्व में चल रहे संकट को पूरी तरह खत्म करने के लिए किया गया था।

 

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ट्रंप ने बताया था प्रोडक्टिव

ट्रंप ने इसे ‘बहुत अच्छा और प्रोडक्टिव’ बताया लेकिन ज्यादा डिटेल में इस पर बात नहीं की। इससे पहले उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खोला गया तो ईरान के बड़े-बड़े पावर प्लांट्स को नष्ट कर दिया जाएगा। अब उन्होंने इस हमले को पांच दिन के लिए रोक दिया है।

 

हालांकि, ईरान की तरफ से इस बातचीत की पुष्टि नहीं की गई। ईरानी राज्य मीडिया और सरकारी सूत्रों ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है।


ईरान ने दिया जवाब

ईरान के अफगानिस्तान में स्थित दूतावास ने एक्स पर तीखा जवाब दिया। पोस्ट का टाइटल था – ‘ईरान की सख्त चेतावनी के बाद ट्रंप पीछे हटे’। इसमें लिखा कि ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ईरान की एनर्जी फेसिलिटी पर हमला करेगा तो पूरे इलाके की एनर्जी फेसिलिटी को निशाना बनाया जाएगा। इसके बाद ट्रंप ने हमला टाल दिया।

कहा- कोई बातचीत नहीं हुई

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने भी एक सूत्र के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं है और ट्रंप ईरान की चेतावनी के डर से पीछे हट गए हैं। ईरानी स्टेट टीवी ने कहा कि ‘ईरान की सख्त चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे’।

 

ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि ईरान में बात करने लायक कोई लीडर बचा नहीं है और वह बातचीत करना चाहते हैं लेकिन कोई सामने नहीं आ रहा। अब अचानक उन्होंने प्रोडक्टिव बातचीत होने का दावा किया है, जिससे दोनों तरफ की बातें अलग-अलग लग रही हैं।


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यह घटना मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच हुई है, जहां तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और इलाके में युद्ध का खतरा बना हुआ है। अभी साफ नहीं है कि ये बातचीत सच में हो रही है या नहीं और आगे क्या होगा।

 

‘धनखड़ पर दबाव डालने के लिए किया ED का प्रयोग’, संजय राउत की किताब में दावा


शिव सेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अपनी जेल में लिखी किताब के नए संस्करण में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मोदी सरकार ने इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था। ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके धमकी दी गई, क्योंकि सरकार उनके स्वतंत्र फैसलों से नाराज थी।

 

राउत ने अपनी किताब ‘अनलाइक्ली पैराडाइज’ के अंग्रेजी संस्करण में चार नए अध्याय जोड़े हैं। यह किताब पिछले साल आई थी। नए अध्यायों में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाइयों पर लिखा है। उन्होंने लिखा कि ED को लोग अब BJP की ‘शाखा’ कहने लगे हैं। राउत लिखते हैं कि केंद्र सरकार ने ED का इस्तेमाल चुनाव आयोग (ECI) और उपराष्ट्रपति जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों पर दबाव डालने के लिए किया।

 

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2 चैप्टर ईडी से जुड़े हैं

किताब के दो अध्याय ED से जुड़े हैं। एक ‘सुप्रीम कोर्ट बनाम ED’ और दूसरा ‘चुनाव आयोग के दरवाजे पर और उपराष्ट्रपति के घर’। सोमवार को दिल्ली में इस किताब का विमोचन हुआ। आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और अन्य नेताओं ने किताब रिलीज की।

पैसे बाहर भेजने का आरोप

राउत ने किताब में लिखा है कि अफवाहें थीं कि धनखड़ और उनकी पत्नी ने जयपुर का घर बेच दिया और पैसे का कुछ हिस्सा विदेश भेज दिया। ED ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और उनके खिलाफ चार्जशीट बनाने का फाइल तैयार कर लिया। जब धनखड़ की स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियों की खबरें आईं, तो ED ने उन्हें यह फाइल दिखाकर इस्तीफा देने का दबाव डाला। पहले उन्होंने मना किया, तो जांच और तेज हो गई। इससे वे परेशान नजर आने लगे।

 

राउत ने यह भी आरोप लगाया कि ED जजों की नियुक्ति, कामकाज और यहां तक कि राष्ट्रपति पर भी नजर रखती है।

बीजेपी ने दिया जवाब

इन आरोपों पर बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘किसी किताब में लिख देने भर से बात सच नहीं हो जाती। इतने गंभीर आरोपों के लिए ठोस सबूत, सरकारी दस्तावेज या संबंधित लोगों के बयान चाहिए। संवैधानिक पदों पर रहे लोगों पर ऐसे आरोप लगाकर देश की संस्थाओं पर शक पैदा करने की कोशिश की जा रही है।’

 

धनखड़ ने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। हाल ही में उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से नहीं दिया था। 26 फरवरी 2026 को राजस्थान के चुरू जिले के सादुलपुर में उन्होंने कहा, ‘मैंने सिर्फ इतना कहा था कि मैं अपनी सेहत को प्राथमिकता दे रहा हूं। हर किसी को ऐसा करना चाहिए।’

यशवंत राव का मुद्दा

उनके इस्तीफे के तुरंत बाद दिल्ली में चर्चा थी कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव को शुरू करने की उनकी कोशिश सरकार को पसंद नहीं आई। धनखड़ ने विपक्षी नेताओं से कहा था कि राज्य सभा में नोटिस दें, जबकि सरकार चाहती थी कि यह नोटिस पहले लोकसभा में आए। न्यायमूर्ति वर्मा के घर से मार्च 2025 में बड़ी रकम बरामद हुई थी।

 

उस समय राज्य सभा में एनडीए के एक भी सांसद ने विपक्ष के नोटिस पर दस्तखत नहीं किए थे, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि ऐसा नोटिस तैयार हो रहा है। जब धनखड़ ने घोषणा की कि उन्हें प्रस्ताव मिल गया है, तो सरकार की योजना बिगड़ गई।

लोकसभा में लाना चाहती थी सरकार

एक लोकसभा अधिकारी ने उस समय बताया था कि सरकार चाहती थी कि महाभियोग प्रस्ताव पहले लोकसभा में पास हो, ताकि इसे सरकार की सफलता बताया जा सके और न्यायपालिका को संदेश दिया जा सके। लेकिन धनखड़ ने सब कुछ बिगाड़ दिया।


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इसके बाद बीजेपी नाराज हो गई। बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू धनखड़ की अध्यक्षता वाली बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक में नहीं गए। फिर धनखड़ ने फैसला लिया कि अब इस्तीफा देना ही ठीक रहेगा। उनके एक सहायक ने कहा था, ‘इस्तीफा देना भी बहुत ताकत का काम है।’

गाय के पित्त की पथरी से बन रही दवाई, आखिर इससे क्या फायदा होता है?


इंसान अपनी जरूरतों और फायदे के लिए सदियों से जानवरों का इस्तेमाल करता आया है। कभी उनकी खाल से कपड़े और फैशन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलता है तो कभी उनके शरीर के अंग दवाइयों और पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाते हैं। हाल के वर्षों में कुछ ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनके मुताबिक गाय के पित्त से बनी पथरी की कीमत सोने से कम नहीं है। गाय के पित्त से बनी पथरी से चीन में पारंपरिक दवाइयां बनती हैं। इन दवाइयों का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है, इस वजह से गाय के पित्त की पथरी निकालने का व्यापार बढ़ता जा रहा है।

 

चीन और अमेरिका में ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी बढ़ती जा रही है। गाय के शरीर की पथरी से स्ट्रोक की दवाइयां बनाई जाती हैं। हालांकि, सभी गायों के शरीर में पित्त की पथरी नहीं बनती, इसलिए यह बेहद दुर्लभ होती है। इसी वजह से इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी कीमत लगभग 5,800 डॉलर तक पहुंच गई है, जो कई बार सोने से भी महंगी होती है। यह पथरी कई देशों में इतनी कीमती हो गई है कि इसकी अवैध तस्करी भी होने लगी है।

 

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गाय के पित्त की पथरी गोल पत्थर जैसी होती है। जब गाय चारा खाती है, तो उसके पेट में कई बारीक कण चले जाते हैं, जैसे पौधों के रेशे। समय के साथ ये छोटे कण पित्त में बदल जाते हैं, जिन पर खनिज की परतें जम जाती हैं। ये खनिज कैल्शियम फॉस्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट होते हैं। इसमें कैल्शियम और कार्बोनेट की मात्रा होने के कारण इसे मानव शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है।अब सवाल उठता है कि चीन में किन-किन बीमारियों के लिए गाय के पित्त से दवाइयां बनाई जाती हैं और आज के दौर में इसकी मांग क्यों बढ़ रही है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि किन-किन देशों में गाय के पित्त की पथरी की अवैध तस्करी हो रही है।

 

कौन सी दवाई बनती है?

गाय के शरीर की पथरी से चीन में एक पारंपरिक दवाई बनाई जाती है। इस दवाई का नाम अंगोंग निउहुआंग वान है। यह दवाई स्ट्रोक, बेहोशी, तेज बुखार और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाती है।


कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कुछ जानकारों का मानना है कि चीन में स्ट्रोक के मरीज अमेरिका से करीब तीन गुना ज्यादा हैं। इसी वजह से गाय के पित्त से बनी पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसकी कीमत भी लगातार बढ़ती जा रही है।

 

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गायों की पित्त की पथरी दुर्लभ क्यों है?

गाय के पित्त की पथरी बेहद कम पाई जाती है क्योंकि हर गाय के शरीर में यह नहीं बनती। आमतौर पर यह पथरी ज्यादा उम्र वाली गायों में पाई जाती है। कई देशों में गाय को मांस के लिए कम उम्र में ही मार दिया जाता है, जिससे बहुत कम गायें ऐसी होती हैं जो अधिक उम्र तक जीवित रहती हैं। इसी वजह से यह पथरी और भी दुर्लभ हो जाती है।

 

गाय की तस्करी

स्ट्रोक जैसी बीमारियों के बढ़ने के कारण गाय के पित्त की पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी वजह से इसकी तस्करी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में इसकी चोरी और तस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि इस पथरी के लिए कई देशों में होड़ मची हुई है। बढ़ती मांग को देखते हुए चीन के शोधकर्ताओं ने लैब में भी पित्त की पथरी बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।

 

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इंसान और जानवरों का रिश्ता हमेशा से जरूरत पर आधारित रहा है, लेकिन जब फायदे के लिए जानवरों के हर हिस्से को एक संसाधन की तरह देखा जाने लगे, तो यह सवाल उठता है कि यह जरूरत है या शोषण।