सिसवा नगरपालिका क्षेत्र में रायपुर से मंगलछपरा जाने वाले खराब रास्ते को लेकर मंगलवार को लोगों का गुस्सा सड़क पर आ गया। राजन विश्वकर्मा के नेतृत्व में इलाके के लोगों ने सांकेतिक धरना दिया और लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के तुरंत मरम्मत की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए राजन ने कहा कि रायपुर-मंगलछपरा मार्ग लंबे समय से खराब है। सड़क जगह-जगह टूट चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आना-जाना मुश्किल हो गया है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ रहा है। राजन विश्वकर्मा ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, महराजगंज को पत्र भेजकर सड़क का तुरंत मौके पर जाकर निरीक्षण करने और मरम्मत का काम शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह रास्ता क्षेत्र के लोगों के लिए एक जरूरी संपर्क मार्ग है। इसकी अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को बड़ा किया जाएगा। राजन ने साफ कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो वह भूख हड़ताल शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस घोषणा के बाद धरने में मौजूद लोगों ने आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई न करे, बल्कि मौके पर पहुंचकर सड़क की असली हालत देखे और मरम्मत का काम तुरंत शुरू कराए। लोगों ने कहा कि खराब सड़क के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। धरने में राजेश कुमार, सत्यम पांडेय, गुड्डू, कयामुद्दीन, राजकुमार, मेहताब, इशराफिल, शुकरुल्लाह, जाहिद, नरेंद्र यादव, आलोक, रामकरण सहित बड़ी संख्या में इलाके के लोग मौजूद रहे।
टाटा संस को लेकर आरबीआई सख्त, कोर्ट में कैविएट दाखिल कर सुरक्षित किया अपना पक्ष
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने टाटा संस की अनिवार्य सार्वजनिक सूचीबद्धता (पब्लिक लिस्टिंग) से जुड़े प्रकरण में बॉम्बे उच्च न्यायालय का रुख करते हुए एक कैविएट याचिका दायर की है। केंद्रीय बैंक का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि इस विषय में अदालत द्वारा कोई भी एकतरफा निर्देश जारी करने से पूर्व आरबीआई का पक्ष अनिवार्य रूप से सुना जाए। सूत्रों के अनुसार, आरबीआई ने टाटा संस के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) को स्पष्ट कर दिया है कि उनके द्वारा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) का लाइसेंस सरेंडर करने का दिया गया आवेदन स्वीकार्य नहीं है।
अदालत में पक्ष रखने हेतु कैविएट दाखिल
आरबीआई ने अपनी कैविएट याचिका में कहा है कि यदि कोई भी पक्षकार इस विषय को लेकर न्यायपालिका का द्वार खटखटाता है, तो फैसला सुनाने से पहले केंद्रीय बैंक को अपनी दलीलें प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए। इस कदम से स्पष्ट है कि नियामक संस्था टाटा संस की लिस्टिंग प्रक्रिया को लेकर बेहद गंभीर है।
टाटा संस का आवेदन क्यों हुआ खारिज?
केंद्रीय बैंक ने टाटा संस द्वारा एनबीएफसी (NBFC) लाइसेंस वापस करने हेतु प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। आरबीआई ने कंपनी को निर्देशित किया है कि वह बिना किसी विलंब के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने (सार्वजनिक लिस्टिंग) की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी करे। आरबीआई का उद्देश्य है कि टाटा संस एक सूचीबद्ध संस्था के रूप में ही अपनी वित्तीय गतिविधियां संचालित करे।
इस निर्णय के क्या होंगे मायने?
रिजर्व बैंक के इस कड़े रुख का प्रभाव पूरे टाटा समूह के व्यावसायिक ढांचे पर देखने को मिलेगा।
-
पारदर्शिता में वृद्धि: सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने से कंपनी के कामकाज और वित्तीय विवरणों में अधिक स्पष्टता व जवाबदेही आएगी।
-
कड़े नियमन का पालन: इस कदम से टाटा संस के लिए कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियामक मानकों का अनुपालन और अधिक सुदृढ़ होगा।
-
रणनीतिक बदलाव: लाइसेंस सरेंडर का विकल्प समाप्त होने के पश्चात अब टाटा संस को अपनी आगामी वित्तीय व व्यापारिक योजनाओं में मूलभूत बदलाव करने होंगे।
जापान में 20 साल बाद क्यों तोड़ा जाता है यह मंदिर? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
टोक्यो। जापान में एक बेहद अनूठी और प्राचीन धार्मिक परंपरा है, जिसके तहत हर बीस साल में एक प्रसिद्ध मंदिर को तोड़कर उसी डिजाइन में नई इमारत बनाई जाती है। 'जिंगू मंदिर' के नाम से मशहूर इस विशाल धार्मिक परिसर को पुराना होने से बचाने के लिए समय-समय पर पुनर्निर्मित किया जाता है। शिंतो धर्म में इसे देश के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण स्थलों में गिना जाता है।
जिंगू मंदिर की संरचना और विशेषताएँ
जिंगू कोई अकेला मंदिर नहीं है, बल्कि यह 100 से अधिक छोटे-बड़े धार्मिक स्थलों का एक विशाल परिसर है। इसमें 'नाइकू' (इनर श्राइन) और 'गेकू' (आउटर श्राइन) सबसे प्रमुख माने जाते हैं। नाइकू को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहाँ जापानी शाही परिवार से जुड़ा एक पवित्र दर्पण रखा हुआ है। प्राचीन जापान से चली आ रही यह परंपरा करीब 1,300 वर्षों से अनवरत जारी है। हर 20 साल में नाइकू और गेकू के मुख्य मंदिरों के साथ-साथ 'उजी ब्रिज' का भी पुनर्निर्माण किया जाता है। इसके तहत पुरानी संरचना को हटाकर उसके ठीक बगल में स्थित निर्धारित खाली जगह पर परंपरागत शैली में नया मंदिर खड़ा किया जाता है, जिससे उसकी वास्तुकला और परंपराएं पीढ़ी दर पीढ़ी सुरक्षित रहती हैं। वर्ष 2013 में हुआ इसका पुनर्निर्माण इस परंपरा का 62वां संस्करण था, जबकि अगला बड़ा पुनर्निर्माण वर्ष 2033 में प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां और अनुष्ठान अभी से शुरू हो चुके हैं।
परंपरा का धार्मिक और व्यावहारिक महत्व
इस अनूठी परंपरा के पीछे गहरा दार्शनिक और व्यावहारिक अर्थ छिपा है:
-
शिंतो दर्शन: इसके माध्यम से प्रकृति के जन्म, मृत्यु, पुनर्जन्म और जीवन की अस्थिरता का संदेश दिया जाता है।
-
पारंपरिक ज्ञान का हस्तांतरण: पुनर्निर्माण प्रक्रिया के जरिए पुरानी पीढ़ी के कुशल कारीगर नई पीढ़ी को पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और निर्माण तकनीक सिखाते हैं।
-
ओकिहिकी उत्सव: मंदिर के निर्माण से पहले इस उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों लोग जापानी साइप्रस यानी 'हिनोकी' की विशाल लकड़ियों (जो अक्सर 200 साल से अधिक पुराने पेड़ों से प्राप्त होती हैं) को खींचकर निर्माण स्थल तक पहुँचाते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में कई महीने या साल लग जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों सहित इसका पूरा चक्र लगभग आठ साल तक चलता है। भारी भरकम खर्च वाले इस कार्य को सरकारी सहयोग और निजी दान के जरिए पूरा किया जाता है। माना जाता है कि यह परंपरा प्राचीन जापानी जीवनशैली से उपजी है, जहाँ लकड़ी के गोदाम और अन्य संरचनाएं समय-समय पर नए सिरे से बनाई जाती थीं।
पीएम मोदी का सुभाषित संदेश, प्रेम और भाईचारे से समाज को मजबूत बनाने पर जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक सौहार्द और मानवीय मूल्यों के महत्व पर विशेष जोर देते हुए सोशल मीडिया पर एक प्रेरक वैदिक मंत्र साझा किया है। इस सुभाषित के माध्यम से उन्होंने देशवासियों से प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया वैदिक मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अथर्ववेद के तीसरे कांड के 30वें सूक्त का पहला मंत्र साझा किया है:
"सहृदयं सांमनस्यमविद्वेषं कृणोमि वः। अन्यो अन्यमभि हर्यत वत्सं जातमिवाघ्न्या॥"
मंत्र का अर्थ और महत्व
इस पवित्र मंत्र का सरल शब्दों में अर्थ है कि मनुष्य को सदैव ऐसे कर्म करने चाहिए जो हृदय में प्रेम, सौहार्द और सद्भाव को बढ़ावा दें। इसमें बताया गया है कि सभी को एक-दूसरे के प्रति उसी प्रकार निस्वार्थ स्नेह रखना चाहिए, जिस प्रकार एक गाय अपने नवजात बछड़े से अगाध प्रेम करती है।
ईश्वर इस मंत्र के माध्यम से मनुष्य को संबोधित करते हुए कहते हैं कि वह इंसानों के बीच ऐसे वचनों और कर्मों की स्थापना करते हैं जिससे वे सहृदय (समान हृदय वाले), सांमनस्य (समान मन वाले) और अविद्वेष (द्वेष या ईर्ष्या से रहित) बन सकें। यह मंत्र परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र के लोगों के बीच सभी मतभेदों को भुलाकर उन्हें एकता के सूत्र में पिरोने की गहरी प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री का यह संदेश वर्तमान समय में सामाजिक और आपसी सद्भाव को सुदृढ़ करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।
मंडलीय बॉक्सिंग में बहराइच बना ओवरऑल चैंपियन:श्रावस्ती दूसरे स्थान पर रहा, इकौना में हुई प्रतियोगिता; कई खिलाड़ियों ने जीते मेडल
इकौना में हुई मंडलीय विद्यालयीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में बहराइच की टीम ओवरऑल चैंपियन बनी। श्रावस्ती की टीम दूसरे स्थान पर रही। यह प्रतियोगिता मंगलवार को श्री जानकी प्रसाद आदर्श इंटर कॉलेज कैलाशपुर, इकौना में आयोजित की गई थी। इसमें बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और गोंडा के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का उद्घाटन भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष हरिओम तिवारी और जिला विद्यालय निरीक्षक ने किया। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद अलग-अलग भार वर्गों में खिलाड़ियों के बीच मुकाबले हुए। अंडर-17 बालक वर्ग में श्रावस्ती के खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। रघुवीर यादव ने 63-66 किग्रा वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। ईशु ने 46 किग्रा वर्ग में, निखिल ने 54-57 किग्रा वर्ग में और शत्रुघ्न कुमार ने 50-52 किग्रा वर्ग में भी पहला स्थान प्राप्त किया। अजीत मिश्रा ने 54-57 किग्रा वर्ग में दूसरा और अमित मिश्रा ने 52-54 किग्रा वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। आयोजक विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र यादव ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। चयनित खिलाड़ी अब लखनऊ में होने वाली प्रदेश स्तरीय विद्यालयीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर श्रावस्ती के जिला क्रीड़ा सचिव आशीष कुमार, बहराइच के क्रीड़ा सचिव विवेक रावत, केपी सिंह, राकेश मिश्रा, घनश्याम यादव, जयप्रकाश मौर्य, सत्यम पार्टी और रेफरी अनुराग चौधरी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
शहडोल में चाकूबाजी से सनसनी, वारदात के चंद घंटों में तीनों आरोपी गिरफ्तार
शहडोल: जिले के अमलाई थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक पर चाकू से प्राणघातक हमला करने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बाइक पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने दुकान के समीप खड़े युवक के गले पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से रफूचक्कर हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
दुकान के पास खड़े युवक पर बाइक सवारों ने किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना अमलाई थाना अंतर्गत आलमगंज स्थित चिप हाउस के पास घटी। पीड़ित युवक आशिक दुकान के पास खड़ा हुआ था, तभी आरोपी अरसद अंसारी अपने दो सहयोगियों भक्की कोल और योगेंद्र चौबे के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर वहां पहुँचा। बताया जा रहा है कि अरसद और आशिक के बीच पूर्व से ही विवाद चला आ रहा था। इसी रंजिश के चलते तीनों ने युवक की घेराबंदी की और उस पर चाकू से जानलेवा वार कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल होकर युवक जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस ने अस्पताल पहुँचाया और शुरू की घेराबंदी
घटना की सूचना मिलते ही अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल चिकित्सीय उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया। इसके पश्चात पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की घेराबंदी शुरू कर दी।
आपराधिक पृष्ठभूमि के निकले आरोपी, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल तीनों आरोपियों अरसद अंसारी, भक्की कोल और योगेंद्र चौबे को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में से कुछ का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।
अनुशासनहीनता, अमर्यादित आचरण एवं वरिष्ठ से अभद्रता बरतने पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा मुख्य आरक्षी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित*
*पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह* द्वारा जनपदीय पुलिस बल में अनुशासन एवं मर्यादा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक कड़ा निर्णय लिया गया है। पुलिस लाइन प्रशासनिक भवन स्थित गणना कार्यालय में थानाजात के लिए अपनी रवानगी रोकने के संबंध में मुख्य आरक्षी दीपक कुमार सिंह द्वारा गणना मेजर से अत्यंत अमर्यादित, अशोभनीय व्यवहार एवं अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जो कि एक अनुशासित पुलिस बल के सदस्य के लिए घोर अनुशासनहीनता एवं कदाचार की श्रेणी में आता है। उक्त कृत्य से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है तथा यह कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।
जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा मुख्य आरक्षी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उक्त के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित है।
इमरान खान की सेहत पर अंतरराष्ट्रीय चिंता! सात पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों ने लिखी चिट्ठी, जानें क्या है मांग
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की जेल में वर्तमान स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर ऑस्ट्रेलिया के सात पूर्व कप्तानों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इन पूर्व दिग्गजों ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग को एक संयुक्त पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में स्टीव वॉ, एलन बॉर्डर, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, मार्क टेलर, किम ह्यूजेस और बेलिंडा क्लार्क जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
इन सभी पूर्व कप्तानों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी राजनीतिक या राजनयिक हैसियत से नहीं, बल्कि पूर्व खिलाड़ियों के रूप में एक साथी क्रिकेटर के प्रति मूलभूत मानवीय संवेदना के तहत यह पत्र लिख रहे हैं।
राजनीतिक मामले पर कोई टिप्पणी नहीं, केवल मानवीय दृष्टिकोण
ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों ने पत्र में साफ किया कि वे इमरान खान के विरुद्ध चल रहे कानूनी या राजनीतिक मुकदमों पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। उनका ध्यान केवल हिरासत में एक व्यक्ति को मिलने वाले मानवीय व्यवहार और स्वास्थ्य सुविधाओं पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि राजनीति से इतर, जेल में बंद किसी भी व्यक्ति को बुनियादी मानवीय अधिकार और उचित चिकित्सा सुविधा प्राप्त होनी चाहिए।
22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तान भी लिख चुके हैं पत्र
इससे पूर्व, 23 अगस्त को विश्व भर के 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इमरान खान के स्वास्थ्य और सुविधाओं को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि जेल में उन्हें उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उस पत्र में मुख्य रूप से तीन माँगे रखी गई थीं:
독립 (स्वतंत्र) मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य जांच की मांग
कप्तानों की पहली मांग थी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड, जिसमें इमरान खान के निजी चिकित्सक भी शामिल हों, को उनके स्वास्थ्य की पूर्ण व स्वतंत्र जांच करने दी जाए। विशेष रूप से इमरान खान की दाहिनी आंख की दृष्टि प्रभावित होने की खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल जांच की मांग की गई थी।
परिवार से साप्ताहिक मुलाकात बिना रुकावट जारी रखने की मांग
दूसरी मांग के तहत कहा गया कि अदालत के आदेशानुसार इमरान खान को उनके परिजनों से सप्ताह में एक बार मिलने की अनुमति बिना किसी प्रशासनिक बाधा या देरी के दी जानी चाहिए।
चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर त्वरित इलाज की मांग
तीसरी प्रमुख मांग यह थी कि मेडिकल जांच की रिपोर्ट के आधार पर इमरान खान को बिना किसी विलंब के आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए।
पाकिस्तानी दिग्गजों और पैट कमिंस का भी मिला समर्थन
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर केवल विदेशी खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट दिग्गज जैसे जावेद मियांदाद, वसीम अकरम और मोइन खान भी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान टेस्ट कप्तान पैट कमिंस भी इस मानवीय मुहिम के समर्थन में आगे आए हैं, जिससे खेल जगत में इस मुद्दे को लेकर उठ रही आवाज और मजबूत हो गई है।
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की गई जनसुनवाई
*जनसुनवाई के दौरान आमजन की समस्याओं/शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश*
*पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह* द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए शिकायतकर्ताओं/आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को एक-एक कर गंभीरतापूर्वक सुना गया।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती प्रार्थना-पत्रों में प्रमुख रूप से भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड तथा महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार संबंधित क्षेत्राधिकारीगण व थाना प्रभारियों से गूगल मीट के माध्यम से तत्काल संवाद कर निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।
*जनसुनवाई के मुख्य बिन्दु:*
*समयबद्ध कार्यवाही:* सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि प्राप्त शिकायतों की जांच कर समयबद्ध, प्रभावी एवं विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
*राजस्व संबंधी मामले:* भूमि विवाद से जुड़े प्रकरणों में त्वरित समाधान हेतु पुलिस द्वारा थाना समाधान दिवस में राजस्व विभाग की टीम से समन्वय स्थापित कर मौके पर जाकर पैमाइश व निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए।
*महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा:* महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों में तत्काल उचित वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। मिशन शक्ति के तहत जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया। संवेदनशील स्थानों पर महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा हेतु महिला पुलिस कर्मियों को भी सतर्क दृष्टि रखने हेतु शख्त निर्देश दिया गया है।
*साइबर अपराध:* साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतों को साइबर सेल को स्थानांतरित कर 24 घंटे के अंदर आवेदक से संपर्क कर कार्रवाई प्रारंभ करने हेतु आदेशित किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता के साथ शिष्ट एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए। थानों पर आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता/फरियादी की समस्या को ध्यान से सुनकर उसकी तत्काल मदद की जाए। प्रार्थना पत्रों व IGRS के निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा स्वयं उनके स्तर से की जाएगी।
*यह जनसुनवाई कार्यक्रम पुलिस प्रशासन की आमजन के प्रति जवाबदेही, संवेदनशीलता एवं त्वरित न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।*
*जनपद बलरामपुर पुलिस आमजन की सेवा एवं सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर है।*











