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आखिर महाकाल की नगरी में ही क्यों होती है पहली होली?


उज्जैन के राजा कहे जाने वाले भगवान महाकाल के दरबार में हर त्योहार की शुरुआत सबसे पहले होती है। परंपरा के अनुसार, साल 2026 की होली की शुरुआत भी 2 मार्च को महाकाल मंदिर परिसर से होगी। यहां संध्या आरती के दौरान भक्त और पुजारी मिलकर हर्बल गुलाल के साथ होली खेलेंगे और इसके बाद गोधूलि बेला में होलिका दहन किया जाएगा।

 

इस बार की होली थोड़ी खास और अलग है क्योंकि 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। इस खगोलीय घटना की वजह से मंदिर की व्यवस्थाओं और भगवान की आरती के समय में बदलाव किया गया है। ग्रहण के सूतक काल और शुद्धिकरण की प्रक्रिया को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए नए नियम तय किए हैं।

 

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2 मार्च को होलिका दहन

  • माना जाता है कि जब तक महाकाल के दरबार में होली की अग्नि नहीं जलती, तब तक पूरे देश में कहीं और होलिका दहन नहीं होता।  इसके पीछे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। साथ ही, उन्हें पूरी सृष्टि का स्वामी माना जाता है। इसलिए किसी भी शुभ काम या खुशी की शुरुआत सबसे पहले उन्हीं के नाम से की जाती है।
  • शाम की आरती में बाबा महाकाल को सबसे पहले फूलों का रस और हर्बल गुलाल चढ़ाया जाएगा। साथ ही परंपरा के अनुसार उन्हें शक्कर की माला भी अर्पित की जाएगी।
  • होलिका दहन के अगले दिन, यानी 3 मार्च को सुबह भस्म आरती में बाबा का दिव्य श्रृंगार ताजी राख और गुलाल से होगा।

चंद्र ग्रहण और आरती का समय

ज्योतिष गणना के अनुसार, 3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन शाम 6:32 से 6:46 तक लगभग 14 मिनट का चंद्र ग्रहण रहेगा। इसका असर मंदिर की दिनचर्या पर इस प्रकार पड़ेगा। ग्रहण के सूतक की वजह से सुबह की भोग आरती में भगवान को केवल शक्कर का भोग लगाया जाएगा।

 

ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे मंदिर का शुद्धिकरण होगा और भगवान को स्नान कराकर दोबारा विधिवत पूजन किया जाएगा। 

 

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नए आरती शेड्यूल 

मंदिर प्रशासन ने गर्मियों के सीजन के हिसाब से आरतियों का समय भी तय कर दिया है। 

  • भस्म आरती: सुबह 04:00 से 06:00 बजे तक
  • दद्योदक आरती: सुबह 07:00 से 07:45 बजे तक
  • भोग आरती: सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक
  • संध्या पूजन: शाम 05:00 से 05:45 बजे तक
  • संध्या आरती: शाम 07:00 से 07:45 बजे तक
  • शयन आरती: रात 10:30 से 11:00 बजे तक

रंगपंचमी पर निकलेगा ध्वज समारोह

होली के बाद, 8 मार्च 2026 को रंगपंचमी के अवसर पर बाबा महाकाल का पारंपरिक ‘ध्वज चल समारोह’ निकाला जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

क्या है ट्रंप का 15 सूत्रीय युद्धविराम प्लान, क्या इन शर्तों को मानेगा ईरान?


अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जल्द ही बातचीत होने की उम्मीद है। ईरान अभी तक किसी भी प्रकार की वार्ता से इनकार कर रहा है। मगर उसे उम्मीद है कि जल्द ही मित्र देशों की पहल पर बातचीत की जमीन तैयार हो सकती है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपना 15 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। दो पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि ईरान को यह प्रस्ताव मिल गया है। 

 

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी का कहना है कि इस हफ्ते के आखिरी तक इस्लामाबाद में बातचीत हो सकती है। अभी तक ट्रंप के 15 सूत्रीय प्रस्ताव की शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया गया। मगर मिस्र के एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुचारू यातायात की अनुमति देना, मिसाइल कार्यक्रम और सशस्त्र समहू को हथियार मुहैया कराने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। बदले में अमेरिका प्रतिबंधों में ढील, नागरिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग देगा। वहीं ईरान परमाणु कार्यक्रम में कमी लाएगा और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को निगरानी की अनुमति देगा।

 

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बातचीत के दावों पर ईरान ने क्या कहा?

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। मित्र देश बातचीत की जमीन तैयार करने का प्रयास करने में जुटे हैं। हमें उम्मीद है कि थोपे हुए युद्ध को खत्म करने में यह पहल सफल साबित होगी। वहीं ईरानी सेना के एक प्रवक्ता ने अमेरिका का मजाक उड़ाया और कहा कि वह खुद से ही बातचीत कर रहा है। बता दें कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनका प्रशासन ईरान में सही लोगों से बातचीत कर रहा है। वे समझौते के लिए बेहद इच्छुक हैं। 

मध्य पूर्व में और सैनिक तैनात करेगा अमेरिका

अमेरिका ने अपने एयरबोर्न डिवीजन से 1000 जवानों को मध्य पूर्व में भेजने का फैसला किया है। दो मरीन यूनिटों को भी तैनात करने की तैयारी है। नई तैनाती के बाद इलाके में मरीन सैनिकों की संख्या 5000 हो जाएगी। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हुई थी। अमेरिका को अपने 16 जवान, इजरायल को 9 नागरिक खोने पड़े। ईरान और लेबनान में 2500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। 

 

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ईरान से क्या चाहता है अमेरिका?

  • बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करना होगा।
  • यूरेनियम के सभी भंडार ईरान से बाहर करने होंगे।
  • यूरेनियम संवर्धन 3.67 फीसद तक ही करना होगा। 
  • एक महीने में संवर्धन सुविधा को निष्क्रिय करना होगा।
  • सेंट्रीफ्यूज को तत्काल बंद करना होगा।
  • बातचीत की खातिर एक महीने का युद्ध विराम होगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना होगा।
  • प्रॉक्सी गुटों को हथियार देना बंद करना होगा। 

ईरान को क्या मिलेगा?

  • ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम को अमेरिका वित्तपोषित करेगा।
  • ईरान के बाहर ईंधन फार्म स्थापित होगा।
  • ईरान पर से प्रतिबंध हटाएगा अमेरिका।
  • बुशहर प्लांट से  संयंत्र में बिजली उत्पादन सहित इसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम के लिए समर्थन।
  • समझौते पर चर्चा की खातिर एक महीने का युद्धविराम।

प्रेस की आजादी पर हमला या कानूनी कार्रवाई, UNI दफ्तर सील, हंगामा क्यों बरपा?


दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को राजधानी में एक न्यूज एजेंसी के दफ्तर को सील कर दिया। दफ्तर में पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ खूब हंगामा मचा, पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगे हैं। समाचार एजेंसी का नाम यूनाइटेड न्यूज इंडिया (UNI) है। न्यूज एजेंसी का मुख्यालय 9 रफी मार्ग पर है। अब ऑफिस को सील कर दिया गया है। 

दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 मार्च को एक फैसला सुनाया था, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने 2023 में जमीन के आवंटन को रद्द कर दिया था। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने भी जमीन आवंटन रद्द करने के फैसले को सही ठहाराया था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के आदेश का पालन किया है।

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क्या यह जमीन, UNI की नहीं थी?

UNI को 1979 में प्रेस संस्थानों के लिए कम्पोजिट ऑफिस कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए यह सरकारी जमीन मिली थी। 40 साल से ज्यादा समय तक कोई निर्माण नहीं हुआ। कोर्ट ने इसे शर्तों का गंभीर उल्लंघन माना। सरकार को तुरंत कब्जा लेने का निर्देश दिया। UNI ने इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया है। एजेंसी का आरोप है कि कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की गई है। पुलिस ने उन्हें घसीटा था। 

कोर्ट ने किस आधार पर यह फैसला दिया?

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि UNI को कई बार मोहलत दी गई है। साल 1986, 1999 और 2000 में भी राहत मिली। मोहलत के बाद भी UNI ने बिल्डिंग प्लान नहीं बनाया, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से समझौता नहीं किया, निर्माण शुरू नहीं किया। साल 2022 में UNI ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाा दिया। साल 2025 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल (NCLT) ने दिवालिया होने की स्थिति में इसका नियंत्रण द स्टेट्समैन लिमिटेड को दिया। यह एक एक प्राइवेट कमर्शियल कंपनी है। यह आवंटन की शर्तों के खिलाफ था। यह मूल रूप से मीडिया के संस्थागत उद्देश्य के लिए थी। 

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दिल्ली हाई कोर्ट ने यह फैसला क्यों सुनाया?

दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे अनधिकृत ट्रांसफर माना। कोर्ट ने सार्वजनिक जमीन के दुरुपयोग को रोकने के लिए लीज रद्द करने के फैसले को सार्वजनिक हित में जरूरी बताया। कोर्ट ने UNI के शो-कॉज नोटिस के जवाब को अस्पष्ट और आधारहीन करार दिया। यह भी तथ्य सामने आए कि जमीन पर कैंटीन चलाई गई, 70 फीसदी जगह, लीज पर देने की मांग की गई। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी निर्माण में देरी और UNI के असहयोग पर शिकायत की थी। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि यह आवंटन, पूर्ण मालिकाना हक नहीं था। शर्तें तोड़ने पर इसे रद्द किया जा सकता है। 

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कितनी कीमती है यह जमीन?

जमीन की वास्तविक कीमत हजारों करोड़ में है, जबकि स्टेट्समैन ने UNI को 100 करोड़ से कम दिए थे। नतीजतन, लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने कोर्ट के आदेश के बाद तुरंत कब्जा लिया और पुलिस ने ऑफिस सील कर दिया। हाई कोर्ट ने यह पाया कि UNI ने जमीन आवंटन की शर्तों का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक जमीन का दुरुपयोग नहीं होने देना चाहिए। इसका इस्तेमाल, कानून के हिसाब से ही होना चाहिए। 

क्या 5 मिनट की एक्सरसाइज से कम हो सकता है ब्लड प्रेशर?


आज कल की भागदौड़ वाली जिंदगी, तनाव और गलत खानपान की वजह से ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक भारत में 30% से ज्यादा लोग हाई बीपी की समस्या से जूझ रहे हैं। हर 3 में से 1 व्यक्ति को बीपी की समस्या से पीड़ित है।

 

हाई ब्लडप्रेशर की समस्या को सही जीवनशाली से नियंत्रित किया जा सकता है। फिजिकल एक्टिविटी की मदद से हाई ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। कई स्टडी के मुताबिक नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है।

 

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क्या होता है हाई ब्लड प्रेशर?

हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन कहा जाता है। यह वह स्थिति होती जब वेसल्स में खून का दबाव 130|80 mm Hg या उससे अधिक रहता है। इस वजह से हार्ट पर दबाव बढ़ता है। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। 120| 80 mm Hg नॉर्मल बीपी होता है। हाई बीपी के मरीज को अपने सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। इस बीमारी को नजरअंदाज करने की गलती न करें। स्वस्थ जीवनशैली और दवाइयों की मदद से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

हाई बीपी के लक्षण

  • सिरदर्द
  • धुंधला दिखना
  • चक्कर आना
  • थकान
  • सांस फूलना
  • कमजोरी
  • सीने में दर्द
  • नाक से खून आना

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क्या एक्सरसाइज से कम हो सकता है हाई ब्लड प्रेशर?

2024 की स्टडी के मुताबिक 6 अलग-अलग अध्ययनों से डेटा लिया गया है। इसमें 14000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था। उनमें से 24% लोग ब्लड प्रेशर की दवाइयां ले रहे थे। इस स्टडी में लोगों की गतिविधियों को स्मार्टवॉर्च और फिटनेस बैंड के जरिए रिकॉर्ड किया गया है। इस स्टडी में नीचे लिखी चीजों को मापा गया।

  • नींद
  • खड़े रहना
  • घंटों एक ही जगह पर बैठे रहना
  • धीमी चाल में चलना ( 1 मिनट में 100 कदम से कम)
  • तेज चलना ( 1 मिनट में 100 कदम या उससे ज्यादा चलना)
  • एक्सरसाइज कितना कर रहे हैं?

शोधकर्ताओं ने स्टडी में पाया कि अगर कोई व्यक्ति हर दिन सिर्फ 5 मिनट से ज्यादा एक्सरसाइज करता है तो उसके सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर  कम होता है। यह स्टडी Circulation Journal में पब्लिश हुई है।

स्टडी में क्या पाया गया?

शोधकर्ताओं के अनुसार अगर कोई व्यक्ति सिर्फ 5 मिनट भी हैवी एक्सरसाइज करता है तो ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है।  इसके अलावा कोई व्यक्ति अगर 10 या 20 मिनट ज्यादा एक्सरसाइज करता है तो ब्लड प्रेशर को कम करने में ज्यादा फायदा मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान है और बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करता है या बहुत कम एक्सरसाइज करता है या फिर रेगुलर एक्सरसाइज नहीं करता है तो सिर्फ 5 मिनट एक्सरसाइज करने से बीपी पर कोई असर नहीं पडे़गा। हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज ज्यादा फायदेमंद है। 

 

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स्टडी के मुताबिक लोगों ने ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए एरोबिक एक्सरसाइज की थी जिसमें साइकिल चलाना, दौड़ना, ढलान पर तेजी से चलना शामिल था। लाइट एक्सरसाइज करने से ब्लड प्रेशर पर कोई असर नहीं पड़ता है।

 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक हर व्यक्ति को पूरे हफ्ते में 150 मिनट की हाई इंटेंसिटी एरोबिक एक्सरसाइज करना चाहिए। अगर हफ्ते में 5 दिन 30 मिनट एक्सरसाइज करने के बावजूद आपका ब्लड प्रेशर हाई है तो रोजाना 5 मिनट ज्यादा एक्सरसाइज करें। इससे फायदा मिलेगा। एक्सरसाइज के साथ डाइट पर भी कंट्र्रोल रखें। बाहर की तली-भूनी चीजों का सेवन न करें। अपनी डाइट में हेल्दी चीजों को शामिल करें।

हाई बीपी से कैसे करें बचाव?

  • नमक कम खाएं।
  • फल और सब्जियां ज्यादा खाएं।
  • फैट और कोलेस्ट्रॉल कम करें।
  • वजन कम करें।
  • रोजाना योग और मेडिटेशन करें।

होली से अलग कैसे है होला महल्ला? जानें इसकी खास बात


अगर सिख इतिहास को ध्यान से पढ़ा जाए तो यह समझ आता है कि गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिन्द सिंह जी तक सभी गुरुओं का उद्देश्य एक मजबूत राष्ट्र बनाना था। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए समाज में चल रहे त्योहारों को मनाने के तरीके में बदलाव लाना जरूरी था। उस समय के त्योहारों में कई ऐसी परंपराएं थीं जिन्हें सुधारने की आवश्यकता थी।

 

इसी सोच के साथ गुरु गोबिन्द सिंह जी ने 17वीं शताब्दी में भारत के प्राचीन और पारंपरिक त्योहार होली को एक नए और क्रांतिकारी रूप में मनाने की शुरुआत की। उन्होंने इसे ‘होला महल्ला’ के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की, ताकि समाज में अनुशासन और एकता की भावना मजबूत हो सके।

 

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मुगल शासन में पाबंदियां

मुगल शासन के दौरान आम भारतीयों पर घुड़सवारी करने, पगड़ी बांधने और हथियार रखने जैसी कई पाबंदियां थीं। गुरु साहिब ने इन प्रतिबंधों को तोड़ते हुए इन्हीं कार्यों को पर्व का मुख्य हिस्सा बना दिया। उन्होंने आनंदपुर साहिब के किले में सिखों को युद्ध कला (मार्शल आर्ट्स) और शस्त्र विद्या में निपुण करने के लिए इस रीति की शुरुआत की, ताकि एक ऐसा समाज तैयार हो सके जो कमजोरों की रक्षा कर सके।

शब्दों के अर्थ

विद्वानों के अनुसार, ‘होला’ अरबी शब्द है जिसका अर्थ है ‘हमला’ और ‘महल्ला’ फारसी का शब्द है जिसका मतलब है ‘हमले का स्थान’। गुरु गोबिंद सिंह जी ने इसे केवल नाम नहीं दिया बल्कि भक्ति और शक्ति का ऐसा संगम बनाया जहां शस्त्रों के अभ्यास के साथ-साथ गुरबाणी का पाठ और कीर्तन भी जरूरी कर दिया।

आनंदपुर साहिब में युद्ध का अभ्यास

साल 1700 ईस्वी में पहला होला महल्ला आनंदपुर साहिब के होलगढ़ किले में मनाया गया था। यहां गुरु साहिब अपनी फौज को दो दलों में बांटकर ‘गुरिल्ला युद्ध’ का अभ्यास करवाते थे। इसमें रणनीति के तहत एक दल किसी निश्चित स्थान पर कब्जा करता और दूसरा उसे छुड़ाने की कोशिश करता।

 

अभ्यास के बाद दीवान सजाए जाते और विजेता दल को सिरोपा देकर सम्मानित किया जाता। इसी परंपरा का परिणाम था कि चमकौर की गढ़ी में मात्र 40 सिखों ने विशाल मुगल सेना का डटकर मुकाबला किया।

 

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शौर्य की परंपरा

पिछले 300 से अधिक वर्षों से आनंदपुर साहिब में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। होली से एक दिन पहले शुरू होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में आज भी लाखों की संगत जुटती है।

 

निहंग सिख और अन्य श्रद्धालु घुड़सवारी, तलवारबाजी और ‘गतका’ के हैरतंगेज कारनामे दिखाते हैं। तख्त श्री केशगढ़ साहिब में सजे दीवानों में गुरु साहिब और साहिबजादों के बलिदान की कहानियां सुनाई जाती हैं, जो लोगों में नया जोश भर देती हैं।

 

यह पर्व हमें याद दिलाता है कि गुरु साहिब ने जो कृपाण उठाने का आदेश दिया था, उसका मकसद केवल अपनी रक्षा नहीं बल्कि गरीबों और लाचारों को बचाना था।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

कौन थे ईरान के अली मोहम्मद नैनी, जिन्हें इजरायल ने एयर स्ट्राइक में मार गिराया?


ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता और सैन्य लीडर अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है। इजरायली सेना ने शुक्रवार को ईरान पर कई हमले किए, जिसमें अली मोहम्मद नैनी मारे गए। IRGC में अली नैनी अलग-अलग भूमिकाओं में रहे हैं। उनके निधन को सेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में उनकी भी मौत हो गई है। 

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी कार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यह माना है कि अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है। अमेरिका और इजरायल की तरफ से संयुक्त हवाई हमले हुए, जिनमें प्रवक्ता की मौत हो गई। इजरायल और अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। अब ईरान के रणनीतिक तौर पर अहम इलाकों में हमले हो रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरफ अमेरिकी जंगी जहाज भी बढ़ रहे हैं। 

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फिर तेज हो गई है जंग 

ईरान ने दावा किया है कि F-35 लड़ाकू विमान IRGC ने मार गिराया है। ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला दश बन गया है। ईरान के एयरस्पेस में घुसने की कोशिश अमेरिकी विमान ने की थी, जो भारी पड़ी। अमेरिका का दावा है कि पायलट और विमान दोनों सुरक्षित हैं। 

अली मोहम्मद नैनी कौन थे? 

अली मोहम्मद नैनी, ईरान के काशान इलाके में पैदा हुए थे। वह 69 साल के थे। अली मोहम्मद नैनी, IRGC में सेकंड ब्रिगेडियर जनरल थे। IRGC के कमांडर-इन-चीफ हुसैन सलामी ने उन्हें साल 2024 में नियुक्त किया था। वह IRGC के आधिकारिक प्रवक्ता और जनसंपर्क के उप-प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 

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अली मोहम्मद नैनी की IRGC में भूमिका क्या थी?

अली मोहम्मद नैनी, IRGC के रणनीतिक अभियानों में जुड़े रहते थे। वह सेना को मनोवैज्ञानिक रणनीति बनाने और कॉग्निटिव वारफेयर की ट्रेनिंग देते थे। उन्हें इस्लामिक अध्यात्म में महारत हासिल थी। प्रवक्ता बनने से पहले वह IRGC और बासिज दोनों में कल्चरल वाइस प्रेसीडेंट रहे हैं। वह कई अहम पदों पर भूमिका निभा रहे हैं।

शिमला से दिल्ली, कश्मीर से कन्याकुमारी तक, कैसे मनाई जा रही ईद? तस्वीरें देखें


देशभर में आज ईद उल फितर का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। रमजान के पवित्र महीने के खत्म होने के बाद जैसे ही चांद नजर आया लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई और ईद का जश्न शुरू हो गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग मस्जिदों में नमाद अदा कर रहे हैं। लोग एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं। गांवों से लेकर बड़े शहरों तक ईद हर जगह त्योहार की खास रौनक देखने को मिली। यह दिन न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि भाईचारे और एकता का भी प्रतीक है। हर ओर खुशियों का माहौल है, जहां लोग एक साथ मिलकर ईद की नमाज अदा कर रहे हैं। तमाम लोग सोशल मीडिया के जरिए ईद की बधाई दे रहे हैं। 

 

दिल्ली, लखनऊ, पटना, मुंबई और कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में सुबह से ही ईद की चहल पहल रही। इस बार भी ईद ने देश की गंगा जमुनी तहजीब की झलक पेश की, जहां हर धर्म के लोग एक दूसरे की खुशियों में शामिल होते नजर आए। इस खाम मौके पर देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत तमाम नेताओं ने लोगों को बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ‘ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं। कामना है कि यह दिन चारों ओर भाईचारे और सद्भावना को और अधिक बढ़ाए। सभी लोग सुखी और स्वस्थ रहें।’

 

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अजमेर में मनाई ईद

ईद के इस खास मौके पर राजस्थान के अजमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में ईद के मौके पर विशेष रौनक देखने को मिली। दरगाह परिसर में स्थित ऐतिहासिक शाहजहानी मस्जिद में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की और देश में अमन-चैन, खुशहाली तथा भाईचारे की दुआ मांगी। सुबह से ही दरगाह शरीफ में जायरीनों का तांता लगा रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने नमाज में शिरकत की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।

दिल्ली में सख्त सुरक्षा के बीच नमाज

राजधानी दिल्ली में ईद के मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और अन्य प्रमुख स्थानों पर हजारों लोगों ने नमाज अदा की। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और ड्रोन व सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी गई। कुछ इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। दिल्ली की मशहूर जामा मस्जिद में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस खास मौके पर भारी संख्या में लोगों ने वहां नमाज अदा की। दिल्ली के उत्तम नगर जैसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती गई, जहां पहले से तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया। 

 

शिमला में दिखी खास तस्वीरें

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और अन्य पहाड़ी इलाकों में भी ईद का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। ठंडे मौसम के बावजूद लोग सुबह जल्दी उठकर मस्जिदों में पहुंचे और नमाज अदा की। यहां छोटे स्तर पर ही सही लेकिन आपसी भाईचारे की मिसाल देखने को मिली, जहां अलग अलग समुदायों के लोग एक दूसरे को बधाई देते नजर आए।

 

ऐसे मनाई जाती है ईद

ईद उल फितर रमजान के महीने के खत्म होने के बाद मनाई जाती है। इस दिन की शुरुआत सुबह की खास नमाज से होती है। लोग नए कपड़े पहनते हैं, इत्र लगाते हैं और मस्जिद या ईदगाह में जाकर नमाज अदा करते हैं। इसके बाद जकात और फितरा के रूप में जरूरतमंदों को दान दिया जाता है, ताकि हर कोई इस खुशी में शामिल हो सके। घर लौटने के बाद परिवार और रिश्तेदारों के साथ मिलकर मिठाइयां और खास पकवान खाए जाते हैं। बच्चे बड़ों से ईदी लेते हैं और दिनभर खुशियां मनाई जाती हैं। यह त्योहार प्रेम, दया और भाईचारे का संदेश देता है।

 

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सेलिब्रिटीज ने भी मनाई ईद

ईद के मौके पर फिल्मी सितारों और खेल जगत की हस्तियों ने भी खास अंदाज में त्योहार मनाया। कई बॉलीवुड कलाकारों ने सोशल मीडिया पर अपने फैंस को ईद की शुभकामनाएं दीं और परिवार के साथ त्योहार मनाया। सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के घरों के बाहर फैंस की भीड़ देखने को मिली, जहां वे हर साल की तरह लोगों को ईद की बधाई देते हैं। टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने पारंपरिक कपड़ों में तस्वीरें साझा कर त्योहार की खुशियां जाहिर कीं। सोशल मीडिया पर ईद मुबारक ट्रेंड करता रहा और लोगों ने एक दूसरे को डिजिटल तरीके से भी शुभकामनाएं दीं।

 

अपनी लाइफ की लेडीज को भेजें ये मैसेज, करवाएं स्पेशल फील


हर साल 8 मार्च को अंतराराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह सिर्फ एक दिन नहीं है बल्कि नारी शक्ति के संघर्ष, सफलता और संकल्प का उत्सव है। इस दिन को नारी शक्ति के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।

 

महिलाओं को शक्ति का रूप कहा जाता है। हम सभी की जिंदगी में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यह महिला आपके जीवन में आपकी मां, बहन, दोस्त, प्रेमिका और पत्नी के रूप में हो सकती है। इस दिन को अपनी जिदंगी में मौजूद महिलाओं को खास फील करवाने के लिए उन्हें ये खास मैसेज भेज सकते हैं।

 

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महिला दिवस पर भेजें ये खास शुभकामनाएं

जब नारी ठान लेती है,
तो इतिहास बदल देती है।
नारी शक्ति को सलाम।
महिला दिवस की शुभकामनाएं।

 

नारी से ही है दुनिया की पहचान,
उसे मिले हमेशा सम्मान।
महिला दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।

 

नारी कमजोर नहीं,
वो तो हर मुश्किल से लड़ने वाली ताकत है।
नारी शक्ति को नमन।

 

मुस्कुराकर हर गम सह जाती है,
नारी ही है जो घर को स्वर्ग बनाती है।
हैप्पी महिला दिवस।

 

हर घर की रोशनी है नारी,
हर मुश्किल की साथी है नारी।
नारी का सम्मान करें,
क्योंकि जीवन की पहचान है नारी।
महिला दिवस की शुभकामनाएं।

 

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आपकी हिम्मत, प्यार और त्याग से ही
जीवन खूबसूरत बनता है।
आप जैसी अद्भुत महिला को
महिला दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।

 

जहां नारी का सम्मान होता है,
वहीं खुशियों का निवास होता है।
हैप्पी महिला दिवस।

 

नारी वो ताकत है
जो टूटे हुए सपनों को भी
फिर से जोड़कर मुस्कुरा देती है।

 

हर बेटी एक उम्मीद है,
हर माँ एक आशीर्वाद है,
हर बहन एक दोस्त है,
और हर नारी इस दुनिया की ताकत है।

 

नारी सिर्फ रिश्तों का नाम नहीं,
वो हौसले और सपनों की उड़ान है।
महिला दिवस की शुभकामनाएं।

 

जिसने जन्म दिया, जिसने जीना सिखाया,
जिसने हर मुश्किल में साथ निभाया,
ऐसी हर नारी को मेरा नमन।

भारत में कब और कहां होने वाला है चंद्र ग्रहण? जान लीजिए कैसे दिखेगा


3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण होने वाला है। यह ग्रहण भारत के कई राज्यों में दिखाई देने वाला है। यह चंद्र ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक साथ आमना-सानना आ जाता हैं। चंद्र ग्रहण के समय पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिस वजह से सूर्य की रोशनी सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती है जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है। इसी कारण ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग बदलता हुआ दिखाई देता है।

 

इस चंद्र ग्रहण का कुछ प्रभाव एशिया, ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका में दिखाई देगा। हालांकि, भारत में जब तक चंद्रमा उदित होगा, तब तक ग्रहण लगभग समाप्त हो चुका होगा।

 

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चंद्र ग्रहण कितने बजे होगा?

चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होगा। इसके बाद 4:34 बजे पूर्ण रूप से ग्रहण लगेगा। फिर 5:33 बजे से ग्रहण समाप्त होना शुरू हो जाएगा और शाम 6:48 बजे पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस चंद्रग्रहण का मुख्य नजारा भारत में नहीं दिखेगा क्योंकि ग्रहण के समाप्त होने के समय ही भारत में चंद्रमा का उदय होता है।

भारत में कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?

भारत के अधिकांश स्थानों पर चंद्रमा के उदय के समय तक चंद्र ग्रहण समाप्त हो जाएगा। हालांकि, भारत के कुछ पूर्वी हिस्सों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों पर ग्रहण के अंतिम चरण की झलक देखी जा सकती है।

 

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क्या चंद्र ग्रहण के दौरान अन्न खाना चाहिए?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय भोजन नहीं करना चाहिए और भोजन बनाने से भी बचना चाहिए। यदि घर में पका हुआ भोजन रखा है, तो उसमें तुलसी का पत्ता रख सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि तुलसी पत्ता रखने से भोजन ग्रहण के बाद भी खाया जा सकता है। हालांकि, बुजुर्ग, बच्चे और बीमार व्यक्ति ग्रहण के दौरान भोजन कर सकते हैं। चंद्र ग्रहण के समय भगवान का मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। ऐसे में भगवान विष्णु मंत्र, शिव मंत्र, गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है।

चंद्र ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना चाहिए, साफ कपड़े पहनने चाहिए और घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। इसके बाद विधि-विधान से भगवान की पूजा करनी चाहिए। यदि संभव हो, तो अन्न और धन का दान गरीबों को देना भी शुभ माना जाता है।

मोजतबा जिंदा है या नहीं, ईरान ने वीडियो जारी करके क्या दिखा दिया?


ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जिंदा या नहीं… उनका स्वास्थ्य कैसा है। क्या वह इजरायल की बमबारी में घायल हो चुके हैं? सोशल मीडिया से इजरायल और अमेरिकी मीडिया तक यह कयासबाजी जारी है। इस बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने मोजतबा खामेनई का एक छोटा सा वीडियो जारी किया है। हालांकि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है। 

 

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ इरान ब्रॉडकास्टिंग यानी IRIB ने अपने एक्स अकाउंट पर 1 मिनट 19 सेंकड लंबा वीडियो साझा किया। इसमें मोजतबा खामेनेई बंद स्थान में एक छोटी सभा के सामने धार्मिक अध्ययन पर व्याख्यान दे रहे हैं। माना जा रहा है कि ईरानी मीडिया ने वीडियो जारी करके मोजतबा खामेनेई की सेहत से जुड़ी तमाम अटकलों का खंडन करने का प्रयास किया है। 

 

28 फरवरी की सुबह अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और उनके कई रिश्तेदारों को मार दिया था। बेंजामिन नेतन्याहू ने अली खामेनेई की आखिरी फोटो देखने के बाद उनकी मौत का ऐलान किया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इसी हमले में मोजतबा खामेनेई भी चोटिल हुए थे। पिता की मौत के बाद ईरान ने मोजतबा खामेनेई को देश का तीसरा सर्वोच्च धार्मिक नेता चुना। मगर वह सार्वजनिक तौर अभी तक नहीं दिखे। इसके बाद से ही उनके स्वास्थ्य से जुड़ी अटकलों का बाजार गर्म हो गया। 

 

 

 

 

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मोजतबा पर किसने क्या दावा किया?

  • कतर के मीडिया का दावा है कि मोजतबा रूस की राजधानी मॉस्को में हैं। वहां उनका इलाज चल रहा है।
  • अमेरिकी मीडिया का कहना है कि मोजतबा कोमा में हैं। उनका चेहरा हमले में बुरी तरह से बिगड़ चुका है।
  • ईरान के विपक्षी मीडिया ने बताया कि मोजतबा के पैर में चोट आई है। उनकी पत्नी और बच्चे की जान जा चुकी है।

मोजतबा पर ट्रंप क्या बोले?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर सवाल उठा चुके हैं। कुछ दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि मुझे नहीं पता है कि वह जिंदा हैं या मर चुके हैं। कोई भी उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ नहीं बता रहा है। उन्हें किसी ने नहीं देखा है। यह सामान्य नहीं है। 

 

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लिखित संदेश ने और बढ़ाया सस्पेंस

बता दें कि कुछ दिन पहले मोजतबा खामेनेई ने एक लिखित संदेश जारी किया था। यह भी एक असामान्य घटना थी, क्योंकि ईरान में अधिकांश मौके पर सर्वोच्च नेता ने ऑडियो या वीडियो के फॉर्मेट में ही संदेश जारी करने का चलन था। मगर लिखित संदेश के बाद अटकलों को और भी बल मिला।अपने संदेश में मोजतबा ने अमेरिका और इजरायल से एक-एक खून का बदला लेने और होर्मुज जलडमरूमध्य को रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करने का संदेश दिया था। उन्होंने खाड़ी देशों को भी तुरंत अमेरिकी अड्डे खाली करने की धमकी दी थी।