गुड़गांव। महिला बाइक सवार को कार से टक्कर मारने के सनसनीखेज मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं। पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद मुख्य आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसआईटी की पूछताछ में आरोपियों का गुमराह करना
पुलिस रिमांड के दौरान एसआईटी ने अदालत को अवगत कराया कि गिरफ्तार किए गए दोनों मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और लवनीश बेहद शातिर किस्म के हैं। पूछताछ के शुरुआती दौर में दोनों ने अपने अन्य साथियों के ठिकानों की जानकारी छिपाने के लिए पुलिस टीम को लगातार भ्रमित किया। हालांकि, जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तब जाकर उन्होंने अपने साथियों के सही पते बताए। इसके बाद ही पुलिस फरीदाबाद के सेक्टर-37 निवासी श्रीनाथ विश्वकर्मा और पलवल निवासी अनूप कुमार अवस्थी तक पहुंच पाई।
कार में मौजूद दो अन्य युवकों को फिलहाल राहत
एसआईटी की मुखिया एसीपी सीएडब्ल्यू सुशीला देवी के नेतृत्व में अन्य युवकों, श्रीनाथ विश्वकर्मा और अनूप कुमार अवस्थी से भी गहन पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, अब तक की गई तफ्तीश में इन दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी योग्य ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। पुलिस ने इनकी भूमिका को फिलहाल संदिग्ध मानते हुए और किसी अन्य संलिप्तता का प्रमाण न मिलने पर उन्हें कड़ी हिदायत देकर छोड़ दिया है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि इनके खिलाफ कोई साक्ष्य मिलते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न कानूनी धाराओं का विस्तार और वीडियो वॉर
यह पूरी घटना रविवार सुबह की है जब महिला राइडर सिया अपने साथियों के साथ गोल्फ कोर्स रोड से गुजर रही थीं। आरोप है कि सफेद रंग की सियाज कार में सवार युवकों ने उनका पीछा किया और विरोध करने पर जानबूझकर उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार को सेक्टर-56 थाना पुलिस ने शुरुआत में बीएनएस की धारा 281, 125 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद मामले में हत्या के प्रयास (BNS 109(1)) की धारा जोड़ी गई।
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दिल्ली पहुंचकर पीड़ित महिला बाइक सवार (शिवानी उर्फ सिया) के विस्तृत बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर केस में बीएनएस की धारा 78 और 79 भी बढ़ाई गईं।
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मामले में दोनों पक्षों की ओर से वीडियो जारी किए जाने के बाद पुलिस के सामने सही घटनाक्रम और साक्ष्यों की पुष्टि करने की बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर एसआईटी बारीकी से काम कर रही है।




















