भगवान श्रीराम की भक्ति, माता शबरी के निष्काम प्रेम और पवनपुत्र हनुमान की अतुलित शक्ति से सजी रामलीला ने श्रद्धालुओं के हृदय को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। हिन्दू कल्याण मंच द्वारा आयोजित रामलीला मंचन में गुरुवार की रात बाल कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण और मनोहारी प्रस्तुतियों से रामायण के पावन प्रसंगों को सजीव कर दिया। मंच पर प्रभु श्रीराम की करुणा, मित्रता की मर्यादा, धर्म की विजय और भक्त की अटूट निष्ठा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला कि श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
रामलीला की शुरुआत शबरी के बेर प्रसंग से हुई, जिसमें भगवान श्रीराम के प्रति माता शबरी की अनन्य भक्ति, निश्छल प्रेम और समर्पण का भावपूर्ण चित्रण किया गया। प्रभु के प्रति भक्त के प्रेम की महिमा ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद हनुमान मिलन और सुग्रीव मित्रता के प्रसंगों ने विश्वास, सेवा और मित्रधर्म का संदेश दिया। बालि वध की लीला के माध्यम से धर्म और न्याय की स्थापना का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
वहीं, हनुमान-जामवंत संवाद ने श्रद्धालुओं को अपनी अंतर्निहित शक्ति पहचानने और प्रभु के कार्य में पूर्ण समर्पण के लिए प्रेरित किया। लंका दहन की रोमांचक लीला में पवनपुत्र हनुमान के अदम्य साहस, पराक्रम और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। बाल कलाकारों के अभिनय, संवाद और भावाभिव्यक्ति ने रामायण के इन प्रसंगों को जीवंत बना दिया। पूरा वातावरण जय श्रीराम और जय हनुमान के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम का संचालन उमेश उमंग ने किया। इस अवसर पर नितेश श्रीवास्तव, प्रमोद मद्धेशिया, विकास जायसवाल, रवि यादव, रविराज जायसवाल, आशीष अग्रवाल, दीपक जायसवाल, आशीष जायसवाल, मनोज लोहिया, विवेक जायसवाल, सुनील रौनियार, मोहन रौनियार, जयहिंद गुप्ता, अंकित लाठ और शुभम केडिया सहित हिन्दू कल्याण मंच के अनेक पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सिसवा में रामभक्ति की अविरल धारा, भावविभोर हुए श्रद्धालु:शबरी के प्रेम से लंका दहन तक, बाल कलाकारों ने रामभक्ति के रंग में रंगा रामलीला मंच
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