
गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए हम एसी, कूलर और पंखे का इस्तेमाल करते हैं। इस मौसम में हम दिन भर धूप और गर्मी में बाहर रहते हैं और घर आने पर एसी में बैठ जाते हैं। इस वजह से कुछ लोग सर्द-गर्म की समस्या हो जाती है। इसके अलावा हीटवेव की वजह से हवा ड्राई और डस्टी हो सकती है। इन कारणों से खांसी, जुकाम, गले में खराश की समस्या बढ़ जाती है। हमने इस बारे में बेंगलुरु के एस्टर आरवी अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के लीड कंसल्टेंट डॉ. अरविंदा एस. एन. से बात की।
डॉक्टर एस. एन के मुताबिक हीट वेव की वजह से हवा सूखी और धूल भरी हो जाती थी जिससे गला, नाक और सांस लेने की नलियों में इरिटेशन महसूस होती है। इस मौसम में धुआं और प्रदूषण की वजह से एलर्जी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ जाती है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने से गला और नाक की अंदरूनी परत सूख जाती है जिससे सूखी खांसी, छींक और गले में खराश की समस्या बढ़ जाती है।
यह भी पढ़ें: Car Tips: धूप में खड़ी कार में बैठने से पहले करें ये काम
कौन से लक्षण नजर आते हैं?
अस्थमा, साइनेस और एलर्जी से पीड़ित लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। लंबे समय तक गर्म हवाओं, धूल और खराब एयर क्वॉलिटी के संपर्क में आने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- सूखी खांसी
- बार-बार छींक आना
- गले में खराश या जलन
- नाक बंद होना
- आंखों से पानी आना
- सांस लेने में तकलीफ होना
- सिरदर्द
कुछ लोगों को थकान, सीने में जकड़न या सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना शामिल हैं।
खांसी और छींक का इलाज क्या है?
- गर्मी के मौसम में खांसी और छींक की समस्या का इलाज मुख्य रूप से शरीर को डिहाइड्रेशन से बचना है। इसके अलावा गर्म हवा, धूल, प्रदूषण से दूर रहे।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इससे गला और सांस की नलियों में नमी बनी रहती है जिससे जलन कम होती है।
बाहर धूप में निकलने से बचें। - डॉक्टर आपको एंटीहिस्टाइमन दवाएं, नेजल स्प्रे, इनहेलर और खांसी को कम करने के लिए दवा देते हैं। अगर आपको हल्की खांसी है तो भाप लें, गुनगुना पानी पिएं, नमक वाले गुनगुन पानी से गरारे करें और शहद का सेवन करें।
- इसके अलावा जिन लोगों को अस्थमा या एलर्जी की समस्या है उन्हें अपनी नियमित दवाएं लेनी चाहिए। गर्मी से धूल से बचकर रहे।
यह भी पढ़ें: गर्मी में चाय और कॉफी पीना सेहत के लिए खतरनाक, डाइटिशियन से समझें कैसे?
क्या घरेलू नुस्खों से आराम मिलेगा?
हल्की खांसी और छींक की समस्या को घरेलू उपाय से ठीक किया जा सकता है। गुनगुना पानी, हर्बल चाय और मौसमी फलों का सेवन करें जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहे।
कमरे में सही वेंटिलेशन या ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
दवा लेने के बाद ठीक न होने पर क्या करें?
अगर दवा लेने के बाद भी खांसी और छींक की समस्या ठीक नहीं हो रही है तो डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट लेने की सलाह देते हैं जिसमें चेस्ट एक्स रे शामिल होता है जिससे फेफड़ों में संक्रमण या सांस से जुड़ी अन्य बीमारियों का पता लगाया जाता है।
पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PMT) से यह पता चलता है कि कहीं अस्थमा या सांस की नलियों में कोई परेशानी तो नहीं है। इसके अलावा ब्लड टेस्ट की सलाह दी जाती है ताकि शरीर में सूजन का पता लगता है। अगर लंबे समय तक साइनेस या एलर्जी बनी हुई है तो डॉक्टर साइनस जांच या सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं।


