बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में हाई अलर्ट; बंगाल की खाड़ी से आफत बनकर आ रहा ‘अर्नब’

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ तेजी से शक्तिशाली होकर भारत की ओर बढ़ने लगा है। बुधवार की दोपहर बापटला और विशाखापट्टनम के बीच यह प्रचंड चक्रवाती तूफान के रूप में टकरा सकता है।

इस दौरान हवा की गति 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दर्जन भर राज्यों में इसका प्रभाव पड़ेगा और नौ राज्यों में भारी बारिश की आशंका है। सबसे ज्यादा खतरा आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों को हो सकता है।

केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क करते हुए जरूरी सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और तीनों सेनाओं की राहत एवं बचाव टीमें तैयार हैं।

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब सोमवार को तूफान अर्नब में तब्दील होकर लगातार पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ने लगा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अतिरिक्त तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में भारी बारिश का खतरा है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा की और प्रभावित क्षेत्रों में निकासी, राहत सामग्री और जरूरी सेवाओं का इंतजाम रखने को कहा।

स्काईमेट का अनुमान है कि तट से टकराने के बाद भी तूफान का प्रभाव जल्दी खत्म नहीं होगा। तेलंगाना, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी गुजरात तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

तूफान का सबसे गंभीर असर 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में दिखेगा। ओडिशा में बुधवार को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को अत्यधिक वर्षा की आशंका है। तेलंगाना और विदर्भ में 28 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। इसका असर तटीय क्षेत्रों से निकलकर देश के आंतरिक हिस्सों तक पहुंचेगा।

पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 29 और 30 अक्टूबर तथा झारखंड में 29 अक्टूबर को बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। इससे निचले इलाकों में कहीं-कहीं बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल को भी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रखा गया है।

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